पुस्तक समीक्षा * बात-बात ख़ुश्बूदार ( निबंध संग्रह )
" मनोवैज्ञानिक रूप से पाठक पर प्रभाव छोड़ने में सफल कृति ""क्यारी-क्यारी में खिले, इतने फूल-गुलाब। रफ़्ता-रफ़्ता हो गई, खुश्बूदार किताब ।।"वय के उस मधुमास को, …
“वास्तविक” के परिणाम
" मनोवैज्ञानिक रूप से पाठक पर प्रभाव छोड़ने में सफल कृति ""क्यारी-क्यारी में खिले, इतने फूल-गुलाब। रफ़्ता-रफ़्ता हो गई, खुश्बूदार किताब ।।"वय के उस मधुमास को, …
लंबे इंतजार के बाद इस वर्ष जब मानसून ने देश में दस्तक दी तो बारिश की बूंदें राहत और उम्मीद का संदेश लेकर आईं। खेतों को पानी मिला, बांधों और जलाशयों में पानी पह…
जैसलमेर। फसल खराबे से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए किसानो के लिए राहत की खबर है। राज्य सरकार ने खरीफ 2026 के लिए फसल बीमा की अधिसूचना जारी कर दी है। जिले क…
लोकतंत्र किसी राष्ट्र की केवल शासन व्यवस्था नहीं होता, बल्कि वह उसके नागरिकों के विश्वास, स्वतंत्रता, सहभागिता और संवैधानिक मूल्यों का जीवंत प्रतिबिंब होता है।…
कोटा।भूखंडों के पट्टे, कैंसिल संपत्तियों को पुनर्जीवित कराने, दुकान-मकान आवंटन और फॉरेस्ट भूमि को डी-फॉरेस्ट कराने के नाम पर लाखों की ठगी के आरोपअख्तर खान अकेल…
उदयपुर। देवेन्द्रधाम में महावीर समोशरण में प्रवचन देते हुए डॉ. सुरेन्द्र मुनि ने कहा कि भारत तप, त्याग और आध्यात्मिक साधना की पवित्र भूमि रही है। इस धरती पर हज…
महिला विंग की कमान संभालेंगी; प्रदेशभर में महिलाओं को संगठन से जोड़ने और सशक्त बनाने पर जोरहनुमानगढ़/जयपुर। अंतरराष्ट्रीय जाट संसद ने हनुमानगढ़ निवासी श्रीमती …
उदयपुर, 11 अगस्त। श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ, उदयपुर के तत्वावधान में देवेंद्र धाम में आयोजित धर्मसभा में डाॅ. सुरेन्द्र मुनि ने मानव जीवन के महत्व…
विशेष लेख गोपेन्द्र नाथ भट्ट लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति केवल बहुमत में नहीं, बल्कि संवाद, सहमति और स्वस्थ संसदीय परंपराओं में निहित होती है। विधानमंडल वह सर्वो…
उदयपुर। वासुपूज्य मंदिर दादाबाड़ी में चल रहे आध्यात्मिक प्रवचन में साध्वी विद्युतप्रभा श्रीजी आदि ठाणा-6 ने कहा कि भगवान महावीर ने केवल्य ज्ञान प्राप्त करने के …
जयपुर, केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को जयपुर में अल्बर्ट हॉल से बड़ी चौपड़ तक राज्य स्तरी…
भारत की पहचान केवल उसकी प्राचीन सभ्यता, विविध भाषाओं और सांस्कृतिक परंपराओं से नहीं है, बल्कि उन आदिवासी समुदायों से भी है, जिन्होंने सदियों से प्रकृति के साथ …