बाल विवाह को जड़ से ख़त्म करने हेतु शिक्षक की अहम भूमिका- डॉ. पंड्या
प्रतापगढ़ | बाल विवाह के खिलाफ जमीनी अभियान चला रहे गायत्री सेवा संस्थान, उदयपुर ने संयुक्त राष्ट्र के 27 नवंबर को ‘बाल विवाह, कम उम्र और जबरन विवाह की समाप्ति…
“धारण” के परिणाम
प्रतापगढ़ | बाल विवाह के खिलाफ जमीनी अभियान चला रहे गायत्री सेवा संस्थान, उदयपुर ने संयुक्त राष्ट्र के 27 नवंबर को ‘बाल विवाह, कम उम्र और जबरन विवाह की समाप्ति…
उदयपुर । जैन धर्मावलंबियों का प्रमुख आध्यात्मिक पर्व पर्युषण महापर्व 8 सितंबर से शुरू होगा। आठ दिनों तक चलने वाले इस पर्व में जैन समाज के श्वेताम्बर समुदाय (स्…
उदयपुर। देवेंद्रधाम स्थित महावीर समवसरण में आयोजित प्रवचन में डॉ. सुरेन्द्र मुनि ने श्रावक धर्म के 12व्रतों की व्याख्या करते हुए प्रथम आवश्यकता की सर्वाेपरि मह…
जैसलमेर । नगरीय निकाय आम चुनाव 2026 के लिए नगर परिषद जैसलमेर में मतदान 09 सितम्बर बुधवार को प्रातः 7 बजे से सांय 6 बजे तक होगा। इसी प्रकार नगरपालिका पोकरण में …
उदयपुर। प्रताप गौरव केंद्र ‘राष्ट्रीय तीर्थ’ में शुक्रवार से भक्ति, उल्लास और सांस्कृतिक सरोकारों से ओतप्रोत श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मेला महोत्सव का शुभारंभ हुआ। …
उदयपुर | भविष्य की तकनीकी आवश्यकताओं के अनुरूप शिक्षा को मजबूत करने तथा वंचित समुदायों के विद्यार्थियों तक आधुनिक विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की पहुंच बढ़ाने की द…
उदयपुर। सोजतिया द्वारा संचालित नीरजा मोदी स्कूल में आज जन्माष्टमी का पावन पर्व धूमधाम से मनाया गया जिसमें नन्हे मुन्नों ने श्री कृष्ण व राधा के रूप धरकर मनमोहक…
भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां पर्व केवल कैलेंडर की तारीख नहीं होते, बल्कि वे जीवन के किसी गहरे सत्य को हमारे सामने लेकर आते हैं। श्रीकृष्ण…
भारत के सबसे पसंदीदा पोटैटो चिप्स ब्रांड्स में से एक, लेज़® लंबे समय से खुशी, मस्ती और रोजमर्रा के यादगार पलों का पर्याय रहा है। वर्षों से ब्रांड ने यह दिखाया …
जैसलमेर । राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार एक्शन प्लान की पालना में अध्यक्ष ओमी पुरोहित, जिला एवं सेशन न्यायाधीश एवं सचिव ललित पुरोहित जिला…
कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन... अर्थात, मनुष्य का अधिकार केवल कर्म करने पर है, उसके फल पर कभी नहीं। इसलिए फल की चिंता किए बिना अपना कर्तव्य करें। निष्काम…
ऋषि दयानन्द के आगमन से पूर्व विश्व में लोगों को वेदों तथा ईश्वर सहित आत्मा एवं प्रकृति के सत्यस्वरूप का स्पष्ट ज्ञान विदित नहीं था। वेदों, उपनिषद एवं दर्शन आदि…