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वन्दे मातरम्" के 150 वर्ष पूर्ण होने पर सप्त शक्ति कमान में भव्य उत्सव आयोजित

मुख्य बिंदु
  • जयपुर, प्रतिष्ठित देशभक्ति गीत 'वंदे मातरम' के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में, सप्त शक्ति कमान में जयपुर, बठिंडा, हिसार, श्रीगंगानगर, बीकानेर, कोटा सहित विभिन्न सैन्य स्टेशनों और ऐतिहासिक आसफवाला युद्ध स्मारक (फाजिल्का) और नागी युद्ध स्मारक (श्रीगंगानगर) में भव्य समारोह आयोजित किए गए।
  • इस कार्यक्रम में सैन्य अधिकारियों, जूनियर कमीशंड अधिकारियों (जेसीओ), सैनिकों और स्कूली बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
  • जयपुर सैन्य स्टेशन पर, दक्षिण पश्चिमी कमान के चीफ ऑफ स्टाफ, लेफ्टिनेंट जनरल हरबिंदर सिंह वांद्रा ने सप्त शक्ति कमान लॉन में सभी रैंक के सैनिकों और अधिकारियों के साथ देशभक्ति की भावना से राष्ट्रीय गीत "वन्दे मातरम्" का सामूहिक गान किया।
  • इसी तरह के कार्यक्रम कमान के अंतर्गत सभी सैन्य स्टेशनों पर एक साथ आयोजित किए गए, जो राष्ट्र के प्रति एकता, गौरव और सम्मान का प्रतीक है।
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वन्दे मातरम्" के 150 वर्ष पूर्ण होने पर सप्त शक्ति कमान में भव्य उत्सव आयोजित
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जयपुर, प्रतिष्ठित देशभक्ति गीत 'वंदे मातरम' के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में, सप्त शक्ति कमान में जयपुर, बठिंडा, हिसार, श्रीगंगानगर, बीकानेर, कोटा सहित विभिन्न सैन्य स्टेशनों और ऐतिहासिक आसफवाला युद्ध स्मारक (फाजिल्का) और नागी युद्ध स्मारक (श्रीगंगानगर) में भव्य समारोह आयोजित किए गए। इस कार्यक्रम में सैन्य अधिकारियों, जूनियर कमीशंड अधिकारियों (जेसीओ), सैनिकों और स्कूली बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।


जयपुर सैन्य स्टेशन पर, दक्षिण पश्चिमी कमान के चीफ ऑफ स्टाफ, लेफ्टिनेंट जनरल हरबिंदर सिंह वांद्रा ने सप्त शक्ति कमान लॉन में सभी रैंक के सैनिकों और अधिकारियों के साथ देशभक्ति की भावना से राष्ट्रीय गीत "वन्दे मातरम्" का सामूहिक गान किया। इसी तरह के कार्यक्रम कमान के अंतर्गत सभी सैन्य स्टेशनों पर एक साथ आयोजित किए गए, जो राष्ट्र के प्रति एकता, गौरव और सम्मान का प्रतीक है।

"वन्दे मातरम्" का सैनिकों और विद्यार्थियों द्वारा सामूहिक गायन इस गीत की शाश्वत भावना को दर्शाता है, जिसे बंकिम चंद्र चटर्जी ने 1875 में लिखा था, और जो अपनी मातृभूमि के प्रति समर्पण को प्रेरित करता है। इस आयोजन ने भारत की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और राष्ट्रीयता की भावना को श्रद्धांजलि अर्पित की, जो सशस्त्र बलों और नागरिकों को एकजुट करती है।।

समारोह का समापन सभी प्रतिभागियों द्वारा एकता, अखंडता और राष्ट्र सेवा के आदर्शों को बनाए रखने की प्रतिबद्धता के साथ हुआ, जो "वन्दे मातरम्" की भावना को साकार करता है।