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एमपीयूएटी ने गुवाहाटी की कंपनी को सोलर सीड ड्रायर तकनीक हस्तांतरित की

मुख्य बिंदु
  • उदयपुर, महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमपीयूएटी), उदयपुर ने कृषि तकनीकों के व्यावसायीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए अपने यहां विकसित सोलर सीड ड्रायर (सौर बीज सुखाने वाली) तकनीक का हस्तांतरण गुवाहाटी स्थित मेसर्स एग्रोलाइन टेक्नोलॉजीज एंड इंडस्ट्रीज को कर दिया है।
  • विश्वविद्यालय में आयोजित समारोह में दोनों पक्षों के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
  • यह तकनीक एमपीयूएटी में संचालित अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना (एआईसीआरपी) ऑन पोस्ट हार्वेस्ट इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (पीएचईटी) के तहत विकसित की गई है।
  • प्रताप सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालयों में विकसित नवीन कृषि तकनीकों का लाभ किसानों तक पहुंचाने के लिए उनका व्यावसायीकरण आवश्यक है।
  • उन्होंने किसान-अनुकूल और टिकाऊ कटाई उपरांत तकनीक विकसित करने के लिए अनुसंधान दल की सराहना की।
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एमपीयूएटी ने गुवाहाटी की कंपनी को सोलर सीड ड्रायर तकनीक हस्तांतरित की

उदयपुर,  महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमपीयूएटी), उदयपुर ने कृषि तकनीकों के व्यावसायीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए अपने यहां विकसित सोलर सीड ड्रायर (सौर बीज सुखाने वाली) तकनीक का हस्तांतरण गुवाहाटी स्थित मेसर्स एग्रोलाइन टेक्नोलॉजीज एंड इंडस्ट्रीज को कर दिया है।

विश्वविद्यालय में आयोजित समारोह में दोनों पक्षों के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। यह तकनीक एमपीयूएटी में संचालित अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना (एआईसीआरपी) ऑन पोस्ट हार्वेस्ट इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (पीएचईटी) के तहत विकसित की गई है।

समारोह में कुलगुरु डॉ. प्रताप सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालयों में विकसित नवीन कृषि तकनीकों का लाभ किसानों तक पहुंचाने के लिए उनका व्यावसायीकरण आवश्यक है। उन्होंने किसान-अनुकूल और टिकाऊ कटाई उपरांत तकनीक विकसित करने के लिए अनुसंधान दल की सराहना की।

एमओयू पर मेसर्स एग्रोलाइन टेक्नोलॉजीज एंड इंडस्ट्रीज के प्रबंध भागीदार अमरज्योति साहू तथा एआईसीआरपी ऑन पीएचईटी, एमपीयूएटी के प्रतिनिधियों ने हस्ताक्षर किए।

कार्यक्रम में एआईसीआरपी ऑन पीएचईटी के राष्ट्रीय परियोजना समन्वयक एवं केंद्रीय पोस्ट हार्वेस्ट इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (सीफेट), लुधियाना के डॉ. राकेश शारदा, एमपीयूएटी के कुलसचिव अशोक कुमार, अनुसंधान निदेशक डॉ. आर.एल. सोनी, प्रधान अन्वेषक डॉ. मनजीत सिंह, सह-प्रधान अन्वेषक डॉ. बी.जी. छीपा सहित विश्वविद्यालय के अन्य अधिकारी एवं संकाय सदस्य उपस्थित रहे।

प्रधान अन्वेषक डॉ. मनजीत सिंह ने बताया कि सोलर सीड ड्रायर सौर ऊर्जा आधारित, पर्यावरण-अनुकूल और ऊर्जा-कुशल तकनीक है, जो बीजों को वैज्ञानिक तरीके से सुखाने में मदद करती है। इससे पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम होने के साथ बीजों की गुणवत्ता में भी सुधार होता है।

उन्होंने कहा कि तकनीक के उद्योग को हस्तांतरण से इसके बड़े पैमाने पर उत्पादन और वितरण का मार्ग प्रशस्त होगा, जिससे देशभर के किसानों, बीज उत्पादकों और कृषि उद्यमियों को लाभ मिलने की उम्मीद है।