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जीवोत्थान पंचांगम्  एवं सांकेतिक जन्म राशि फलानुमान (पाक्षिक  समेकित राशि फल सहित) 13/07 /2021, मंगलवार

(महर्षि यादवेन्द्र शिक्षा शास्त्री, Rtd RES, भाषात्रयी साहित्यकार) 

(महर्षि यादवेन्द्र शिक्षा शास्त्री, Rtd RES, भाषात्रयी साहित्यकार)

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जीवोत्थान पंचांगम्  एवं सांकेतिक जन्म राशि फलानुमान (पाक्षिक  समेकित राशि फल सहित) 13/07 /2021, मंगलवार

Jeevotthan Panchangam, Sanskaritam - Evam Janm Rashi Falanuman दिनांके -(आँग्ल)13/07 /2021, मंगलवार राष्ट्रीय भारतीय दिनांक 22/04/1943 22आषाढ मास1943 सृष्टिगतसौरार्कदिनांक - 26/03 /1955885122#(# पंचांगकारानुसार वर्ष, दैनिक सूर्योदय कालीन सूर्य संक्रांति राशि - अंशतः अंकतः स्थानीय व्यवस्था) भारतीय पंचांग विक्रमीय दिनांक 18/04/2078 ( इसे यहाँ निम्नानुसार लिखा है - सूर्योदयी तिथि सौरतः कृष्ण पक्षतः या गताग्र /पूर्णिमांत चैत्रादि मास /विक्रम संवत्|तिथि /मास में वृद्धि) तृतीया, शुक्ल पक्ष आषाढ तिथि तृतीया08:23:32 पक्ष शुक्ल नक्षत्र मघा27:39:46* योग सिद्वि14:46:53 करण गर08:23:31 करण वणिज20:15:55 माह (अमावस्यांत)आषाढ माह (पूर्णिमांत)आषाढ चन्द्र राशि सिंह सूर्य राशि मिथुन सूर्योदय05:57:36 सूर्यास्त19:26:28 दिन काल13:28:51 रात्री काल10:31:34 चंद्रोदय08:43:47 चंद्रास्त22:09:24 सूर्योदयलग्न मिथुन26°42' , 'सूर्य नक्षत्र पुनर्वसु चन्द्र नक्षत्र मघा पद, चरण1 मा मघा09:22:16 2 मी माघ15:29:41 3 मू मघा21:35:30 4 मे माघ27:39:46* मुहूर्त राहु काल16:04 - 17:45अशुभ यम घंटा09:20 - 11:01अशुभ अभिजित्12:15 -13:09शुभ दूर मुहूर्त08:39 - 09:33अशुभ दूर मुहूर्त23:39 - 24:33*अशुभ गंड मूल05:58 - 27:40*अशुभ चोघडिया, दिन रोग05:58 - 07:39अशुभ उद्वेग07:39 - 09:20अशुभ चर09:20 - 11:01शुभ लाभ11:01 - 12:42शुभ अमृत12:42 - 14:23शुभ काल14:23 - 16:04अशुभ शुभ16:04 - 17:45शुभ रोग17:45 - 19:26अशुभ चोघडिया, रात काल19:26 - 20:45अशुभ लाभ20:45 - 22:04शुभ उद्वेग22:04 - 23:23अशुभ शुभ23:23 - 24:42*शुभ अमृत24:42* - 26:01*शुभ चर26:01* - 27:20*शुभ रोग27:20* - 28:39*अशुभ काल28:39* - 29:58*अशुभ होरा(वारों की प्रकृति तथा करणीय शुभ कामों के अनुसार उपयोगी) होरा, दिन मंगल05:58 - 07:05 सूर्य07:05 - 08:12 शुक्र08:12 - 09:20 बुध09:20 - 10:27 चन्द्र10:27 - 11:35 शनि11:35 - 12:42 बृहस्पति12:42 - 13:49 मंगल13:49 - 14:57 सूर्य14:57 - 16:04 शुक्र16:04 - 17:12 बुध17:12 - 18:19 चन्द्र18:19 - 19:26 होरा, रात शनि19:26 - 20:19 बृहस्पति20:19 - 21:12 मंगल21:12 - 22:04 सूर्य22:04 - 22:57 शुक्र22:57 - 23:50 बुध23:50 - 24:42* चन्द्र24:42* - 25:35* शनि25:35* - 26:28* बृहस्पति26:28* - 27:20* मंगल27:20* - 28:13* सूर्य28:13* - 29:05* शुक्र29:05* - 29:58* ++++++++++++++++ विशेष विवेचन - आकाशदर्शन/स्वाध्याय बोध - विनायक (अंगारक) चतुर्थी।

नीचे के भूभागांग भूतल सतह प्रभावित। कहीं भूचर जंतु दृष्टिगोचर।नीचे से टूट फूट ।कार्यावरोध।

अनावश्यक पुनरावृत्ति। गुप्तजनहित योजना । शिक्षा-तकनीकी एवं विद्वत् सज्जन में किसी प्रकरण में नव चिंतन ।

ग्राफिक्स अधो गतिप्रभावित पर। । ############## *अन्तिम कालम अन्त समाप्तिकाल है।

*समय आधी रात के बाद, लेकिन अगले दिन के सूर्योदय से पहले। तिथि - वार- नक्षत्र - योग - करण पंचांग में किसी के अशुभ प्रभाव में शुभाधिक्यता में सुयोग की तथा भद्रादि के यथा परिहार की मान्यता प्रचलित। कहीं स्थानीय यथाव्यवस्था देशाचारीय मान्यता से व्रतपर्वोत्सवोंकी व्यावहारिकता प्रचलित । जीवोत्थान स्थानीय देशान्तर - अक्षांश पर संगणित। विशेषार्थ आपके स्थलीय पंचांग दृष्टव्य।

@जीवोत्थान जन्म राशि फलानुमान @ ################## जन्मराशितःआज सांकेतिक फलानुमान (विशेषार्थ स्वजन्म पत्रिका दृष्टव्य) (एकन्दर राशि फल बोध ++++++++++++ सिंह तुला धन कुंभ राशि वालों के लिये दिनमान के मिश्रित , वृष मकर कन्या के लिए अड़चन फलद समय तथा अन्य हेतु अपेक्षाकृत दिनमान ठीक।)

जन्म राशि - - - - - समेकित फलानुमान मेष - सुधार 59 % वृष. - अवरोध 71 % मिथुन - अच्छा 63 % कर्क. - ठीक ठाक 59 % सिंह. - मिश्रित 61 % कन्या. - परेशानी 66 % तुला. मिश्रित 58 % वृश्चिक. - सुधार 61 % धन. - मिश्रित 63 % मकर. - परेशानी 66 % कुंभ. - मिश्रित 61 % मीन. - अच्छा 63 % विशेष - दिन शुद्धि सामान्यतः ठीक है।

जीवोत्थान पाक्षिक जन्म राशि समेकित फलानुमान ==================== (जुलाई पूर्वार्द्ध ) मेष - - मिश्रित वृष - - - - अच्छा मिथुन - - - - - - परेशानी कर्क - - - - - अवरोध ।

सिंह - - - - -ठीक ठाक कन्या - - - - लाभ तुला - - - - लाभदायक वृश्चिक - - - - उलझन धन - - - - - - - - - मिश्रित मकर - - - - - अच्छा कुंभ - - - - - - -अच्छा मीन - - - - - - - अवरोध भारत की अद्वितीय विशेषताओं का, अनवरत् दिव्यामृतपान करनाहै।

"ब्रह्माण्डोत्थान" हेतु मानवादर्श का, 'जीवोत्थान 'सदाश्रय को अपनाना है।।

ॐमहर्षि - यादवेन्द्र जीवोत्थान उदयपुर।