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Jaislmer news

शिविर की बदौलत नाम शुद्वि से अमृत हुआ अमृत सिंह

20 वर्षों से पाया असली नाम, जताया सरकार का आभार

मुख्य बिंदु
  • ग्राम पंचायत मोकला में आयोजित शिविर मोकला निवासी अमृत पुत्र हुकम सिंह के लिए जीवन में नई सौगात लेकर आया एवं 20 वर्षों बाद नाम शुद्विकरण से राजस्व रिकार्ड में अमृत से हुआ अमृृत सिंह।
  • जैसे ही अमृत का सही नाम राजस्व रिकार्ड में अमृत सिंह हुआ तो उसके चेहरे पर मुस्कान छा गई एवं उसनेे इस कार्य के लिए संवेदनशील मुख्यमंत्री जी एवं राजस्व प्रशासन के प्रति अंर्तमन से आभार जताया।
  • अमृत ने शिविर प्रभारी तहसीलदार राजेन्द्र करण के समक्ष नाम शुद्वि के लिए आवेदन किया।
  • तहसीलदार ने भू-अभिलेख निरीक्षक श्रीमती विनीता शर्मा व पटवारी प्रेम कुमार को इसके दस्तावेजों की जांच कर नाम शुद्वि की कार्यवाही करने के निर्देश दिये।
  • शिविर में अमृत के आधार कार्ड एवं अन्य दस्तावेंजों की जांच कर ग्रामीणों से जानकारी ली तो बताया कि अमृत का नाम वास्तव में अमृत सिंह है।
  • शिविर में ही नाम शुद्विकरण का प्रकरण तैयार कर अमृत का नाम अमृत सिंह कियां एवं राजस्व रिकार्ड में अमृत सिंह दर्ज कर उसे नाम शुद्विकरण पत्र प्रदान किया।
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शिविर की बदौलत नाम शुद्वि से अमृत हुआ अमृत सिंह

          जैसलमेर । ग्राम पंचायत मोकला में आयोजित शिविर मोकला निवासी अमृत पुत्र हुकम सिंह के लिए जीवन में नई सौगात लेकर आया एवं 20 वर्षों बाद नाम शुद्विकरण से राजस्व रिकार्ड में अमृत से हुआ अमृृत सिंह। जैसे ही अमृत का सही नाम राजस्व रिकार्ड में अमृत सिंह हुआ तो उसके चेहरे पर मुस्कान छा गई एवं उसनेे इस कार्य के लिए संवेदनशील मुख्यमंत्री जी एवं राजस्व प्रशासन के प्रति अंर्तमन से आभार जताया।

         अमृत ने शिविर प्रभारी तहसीलदार राजेन्द्र करण के समक्ष नाम शुद्वि के लिए आवेदन किया। तहसीलदार ने भू-अभिलेख निरीक्षक श्रीमती विनीता शर्मा व पटवारी प्रेम कुमार को इसके दस्तावेजों की जांच कर नाम शुद्वि की कार्यवाही करने के निर्देश दिये। शिविर में अमृत के आधार कार्ड एवं अन्य दस्तावेंजों की जांच कर ग्रामीणों से जानकारी ली तो बताया कि अमृत का नाम वास्तव में अमृत सिंह है।

        शिविर में ही नाम शुद्विकरण का प्रकरण तैयार कर अमृत का नाम अमृत सिंह कियां एवं राजस्व रिकार्ड में अमृत सिंह दर्ज कर उसे नाम शुद्विकरण पत्र प्रदान किया। अमृत ने कहा कि वह नाम अशुद्वि के कारण हमेशा परेशान रहता था लेकिन आज शिविर की बदौलत उसका सही नाम हो गया। उसने कहा कि अब वह सरकार की योजनओें का आसानी से लाभ उठा सकेगा। इस प्रकार अमृत के लिए यह शिविर जीवन में नया उजियारा लेकर आया।