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Jaislmer news

वन्दे मातरम्@150 राष्ट्रगीत “वन्दे मातरम्” के 150 वर्ष पूर्ण होने पर जैसलमेर जिले में राष्ट्रगीत एवं राष्ट्रगान का सामूहिक गायन

कार्यालय परिसरों में सुनाई दी देशभक्ति एवं देशप्रेम की अनूठी गूंज

मुख्य बिंदु
  • जैसलमेर: राष्ट्रगीत “वन्दे मातरम्” के 150 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर शुक्रवार को जिला परिषद् जैसलमेर सहित जिले की सभी पंचायत समितियों एवं ग्राम पंचायत कार्यालयों में राष्ट्रगीत “वन्दे मातरम्” एवं राष्ट्रगान का सामूहिक गायन बड़े उत्साह एवं श्रद्धा के साथ किया गया।
  • पूरे जिले में आज का दिन देशभक्ति एवं गर्व की भावना से ओतप्रोत रहा।
  • जिला परिषद् कार्यालय प्रांगण में मुख्य कार्यकारी अधिकारी रश्मि रानी के नेतृत्व में सभी अधिकारी एवं कर्मचारियों ने एक साथ “वन्दे मातरम्” का गायन किया।
  • इस दौरान वातावरण में देशप्रेम की अनूठी गूंज सुनाई दी।
  • मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने बताया कि विभागीय निर्देशों के तहत शुक्रवार, 7 नवम्बर की कार्यालय में प्रातः काल में यह आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य राष्ट्र के प्रति समर्पण एवं एकता की भावना को सशक्त बनाना है।
  • उन्होंने कहा कि “वन्दे मातरम्” केवल एक गीत नहीं, बल्कि हमारी राष्ट्रीय चेतना और मातृभूमि के प्रति अटूट श्रद्धा का प्रतीक है।
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वन्दे मातरम्@150  राष्ट्रगीत “वन्दे मातरम्” के 150 वर्ष पूर्ण होने पर जैसलमेर जिले में राष्ट्रगीत एवं राष्ट्रगान का सामूहिक गायन

जैसलमेर: राष्ट्रगीत “वन्दे मातरम्” के 150 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर शुक्रवार को जिला परिषद् जैसलमेर सहित जिले की सभी पंचायत समितियों एवं ग्राम पंचायत कार्यालयों में राष्ट्रगीत “वन्दे मातरम्” एवं राष्ट्रगान का सामूहिक गायन बड़े उत्साह एवं श्रद्धा के साथ किया गया। पूरे जिले में आज का दिन देशभक्ति एवं गर्व की भावना से ओतप्रोत रहा।

जिला परिषद् कार्यालय प्रांगण में मुख्य कार्यकारी अधिकारी रश्मि रानी के नेतृत्व में सभी अधिकारी एवं कर्मचारियों ने एक साथ “वन्दे मातरम्” का गायन किया।

इस दौरान वातावरण में देशप्रेम की अनूठी गूंज सुनाई दी। मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने बताया कि विभागीय निर्देशों के तहत शुक्रवार, 7 नवम्बर की कार्यालय में प्रातः काल में यह आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य राष्ट्र के प्रति समर्पण एवं एकता की भावना को सशक्त बनाना है।

उन्होंने कहा कि “वन्दे मातरम्” केवल एक गीत नहीं, बल्कि हमारी राष्ट्रीय चेतना और मातृभूमि के प्रति अटूट श्रद्धा का प्रतीक है। इस अवसर पर सभी कर्मचारियों ने अपनी भागीदारी से यह संदेश दिया कि राष्ट्रहित ही सर्वाेपरि है।

अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी जितेन्द्र सिंह सांदू ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम न केवल हमारी सांस्कृतिक विरासत को सशक्त करते हैं, बल्कि कर्मचारियों में कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और देशसेवा की भावना को भी प्रबल बनाते हैं। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को इस आयोजन में सक्रिय भागीदारी के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि “राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान का सामूहिक गायन हमें यह स्मरण कराता है कि हम सब एक ही ध्वज और एक ही भावना के अधीन हैं।”

जिले की सभी पंचायत समितियों एवं ग्राम पंचायतों में भी एक साथ यह आयोजन किया गया। प्रत्येक कार्यालय परिसर में अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने एकत्र होकर पूरे उत्साह के साथ “वन्दे मातरम्” का सामूहिक गायन किया। वहीं, कार्यालय समाप्ति पर सभी द्वारा देशभक्ति भावना के साथ राष्ट्रगान का गायन किया गया ।