मुख्य सामग्री पर जाएँ
सोमवार, 21 सितंबर 2026 उदयपुर · 29°C
Headlines

दिव्यांगजन सशक्तिकरण की नई मिसाल: नारायण सेवा संस्थान का ‘वर्ल्ड ऑफ ह्यूमैनिटी’ हॉस्पिटल उदयपुर में तैयार

मुख्य बिंदु
  • दिव्यांगजन की सेवा, उपचार और पुनर्वास के क्षेत्र में चार दशक से अग्रणी नारायण सेवा संस्थान ने मानवता को नई दिशा देते हुए अपने भव्य ‘वर्ल्ड ऑफ ह्यूमैनिटी’ सेवा परिसर का लोकार्पण कर दिया है।
  • यह महज़ एक अस्पताल नहीं, बल्कि संवेदना और समर्पण से निर्मित मानवता का विराट केंद्र है।
  • 40 लाख वर्ग फीट में फैला आधुनिक सेवा परिसर पूरी तरह वातानुकूलित यह 11 मंजिला परिसर अत्याधुनिक चिकित्सा तकनीक, नवाचार और सस्टेनेबल इंफ्रास्ट्रक्चर का उत्कृष्ट उदाहरण है।
  • बुधवार को मीडिया प्रतिनिधियों ने इसका अवलोकन किया।
  • इस दौरान संस्थान ट्रस्टी देवेंद्र चौबीसा, मीडिया प्रभारी विष्णु शर्मा हितैषी और जनसंपर्क प्रमुख भगवान प्रसाद गौड़ उपस्थित रहे।
  • महामारी में भी नहीं रुका निर्माण—क्योंकि लक्ष्य सेवा था, भवन नहीं 8 फरवरी 2020 को हुए भूमि पूजन के साथ यह संकल्प लिया गया था कि दिव्यांगजन को उपचार से पुनर्वास तक की हर सुविधा एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराई जाएगी।
WAf𝕏TGin🖨
दिव्यांगजन सशक्तिकरण की नई मिसाल: नारायण सेवा संस्थान का ‘वर्ल्ड ऑफ ह्यूमैनिटी’ हॉस्पिटल उदयपुर में तैयार

उदयपुर।दिव्यांगजन की सेवा, उपचार और पुनर्वास के क्षेत्र में चार दशक से अग्रणी नारायण सेवा संस्थान ने मानवता को नई दिशा देते हुए अपने भव्य ‘वर्ल्ड ऑफ ह्यूमैनिटी’ सेवा परिसर का लोकार्पण कर दिया है। यह महज़ एक अस्पताल नहीं, बल्कि संवेदना और समर्पण से निर्मित मानवता का विराट केंद्र है।

11 मंजिला, 2.40 लाख वर्ग फीट में फैला आधुनिक सेवा परिसर पूरी तरह वातानुकूलित यह 11 मंजिला परिसर अत्याधुनिक चिकित्सा तकनीक, नवाचार और सस्टेनेबल इंफ्रास्ट्रक्चर का उत्कृष्ट उदाहरण है। बुधवार को मीडिया प्रतिनिधियों ने इसका अवलोकन किया। इस दौरान संस्थान ट्रस्टी देवेंद्र चौबीसा, मीडिया प्रभारी विष्णु शर्मा हितैषी और जनसंपर्क प्रमुख भगवान प्रसाद गौड़ उपस्थित रहे।

महामारी में भी नहीं रुका निर्माण—क्योंकि लक्ष्य सेवा था, भवन नहीं 8 फरवरी 2020 को हुए भूमि पूजन के साथ यह संकल्प लिया गया था कि दिव्यांगजन को उपचार से पुनर्वास तक की हर सुविधा एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराई जाएगी। महामारी की कठिनतम परिस्थितियों में भी निर्माण कार्य रुका नहीं—सेवा की भावना हर चुनौती पर भारी पड़ी।

🌟 हॉस्पिटल की प्रमुख विशेषताएँ 🔹 450 बेड का विशाल अस्पताल उन्नत तकनीकों से लैस दो मॉडर्न ऑपरेशन थिएटर, जहाँ हड्डी, पोलियो, क्लबफुट और अन्य शल्य चिकित्सा निःशुल्क की जाएगी।

🔹 अत्याधुनिक फिजियो और रिहैब सेंटर प्रत्येक लाभार्थी के लिए व्यक्तिगत पुनर्वास योजना।

🔹 कृत्रिम हाथ-पैर व ऑर्थोटिक उपकरण निर्माण केंद्र 3-डी प्रिंटिंग और CAD-CAM टेक्नोलॉजी से इन-हाउस निर्माण।

🔹 स्वरोजगार प्रशिक्षण केंद्र मोबाइल रिपेयरिंग, कंप्यूटर, मैकेनिकल, फैशन डिजाइनिंग, टेलरिंग आदि।

🔹 विशेष योग्य बच्चों के लिए आवासीय विद्यालय शिक्षा, पोषण, उपचार और मनोवैज्ञानिक सहायता—सब एक साथ।

🔹 हर सेवा निःशुल्क ऑपरेशन, फिजियो, रिहैब, उपकरण, रहना-खाना, प्रशिक्षण—सब पूर्णतः बिना शुल्क।

परिसर की हाई-टेक सुविधाएँ ग्रीन बिल्डिंग • सोलर प्लांट • RO वॉटर • CP पार्क • 3-डी प्रिंटिंग लैब BMS • एक्सेस कंट्रोल • NABH इंफ्रास्ट्रक्चर • मॉड्यूलर OT • लेज़र डायग्नोसिस सेंट्रल फैब्रिकेशन यूनिट • फाइव-फंक्शनल एम्बेडेड बेड • एडवांस्ड वॉटर ट्रीटमेंट “यह भवन अवसरों का द्वार है”—प्रशांत अग्रवाल संस्थान अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल ने कहा— “यह केवल अस्पताल नहीं, जीवन को नए सिरे से गढ़ने का स्थान है। यहाँ आने वाला हर व्यक्ति यह विश्वास लेकर लौटेगा कि वह सक्षम है और समाज का योगदान दे सकता है।”

संस्थान की 25 वर्षीय भविष्य योजनाएँ नारायण सेवा संस्थान ने अगले 25 वर्षों के लिए विशाल सामाजिक सेवा संकल्प घोषित किए— 7,02,000 शल्य चिकित्सा उपचार 9,36,000 दिव्यांगजन को सहायक उपकरण 2,34,000 कृत्रिम अंगों का निर्माण 2,550 दिव्यांग जोड़ों के विवाह 2049 तक 50 सामूहिक विवाह समारोह 1,250 NGO गोद लेकर सेवा विस्तार 98,46,400 रोगियों को निःशुल्क फिजियोथेरेपी 400 निःशुल्क सेवा केंद्र 300 P&O वर्कशॉप्स 4,500 निःशुल्क चिकित्सा शिविर 6,000 नई शाखाओं की स्थापना 1 करोड़ से अधिक लोगों के लिए भोजन व राशन 7,500 लोगों का कौशल प्रशिक्षण मानवता की इस यात्रा में समाज की भागीदारी अनिवार्य संस्थापक कैलाश मानव ने कहा— “1985 में जली सेवा की यह लौ आज देश-विदेश तक पहुँच चुकी है। हमारा उद्देश्य है कि हर जरूरतमंद तक सहायता की यह रोशनी पहुँचे।”