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भारत विकास परिषद की क्षमता के सदुपयोग से राष्‍ट्रभक्ति और समाज सेवा के कार्य को गति दी जा सकती है

डॉ. हर्ष वर्धन ने भारत विकास परिषद के संस्‍थापक डॉ. सूरज प्रकाश की जन्‍म शताब्‍दी समारोह में उनका सादर स्‍मरण किया

डॉ. हर्ष वर्धन ने भारत विकास परिषद के संस्‍थापक डॉ.

मुख्य बिंदु
  • नई दिल्‍ली केन्‍द्रीय स्‍वास्‍थ्‍य और परिवार कल्‍याण मंत्री डॉ.
  • हर्ष वर्धन ने आज भारत विकास परिषद के संस्‍थापक डॉ.
  • सूरज प्रकाश के जन्‍म शताब्‍दी समारोह में उनका सादर स्‍मरण करते हुए कहा कि वे एक ऐसे समर्पित समाजसेवी, राष्‍ट्र भक्‍त और कर्मयोगी थे जिन्‍होंने समाज सेवा के नये कीर्तिमान स्‍थापित किए ।
  • हर्ष वर्धन ने इस समारोह में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्‍यम से मुख्‍य अतिथि के रूप में भाग लेते हुए कहा कि डॉ.
  • सूरज प्रकाश ने राष्‍ट्रीय स्‍वयं सेवक संघ के दूसरे सरसंघचालक श्री एम.
  • एस गोलवलकर से देश भक्ति, मानव कल्‍याण और सेवा की प्रेरणा लेकर दिल्‍ली में 1963 में भारत विकास परिषद की स्‍थापना की थी ।
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भारत विकास परिषद की क्षमता के सदुपयोग से राष्‍ट्रभक्ति और समाज सेवा के कार्य को गति दी जा सकती है

नई दिल्‍ली केन्‍द्रीय स्‍वास्‍थ्‍य और परिवार कल्‍याण मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन ने आज भारत विकास परिषद के संस्‍थापक डॉ. सूरज प्रकाश के जन्‍म शताब्‍दी समारोह में उनका सादर स्‍मरण करते हुए कहा कि वे एक ऐसे समर्पित समाजसेवी, राष्‍ट्र भक्‍त और कर्मयोगी थे जिन्‍होंने समाज सेवा के नये कीर्तिमान स्‍थापित किए ।

डॉ. हर्ष वर्धन ने इस समारोह में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्‍यम से मुख्‍य अतिथि के रूप में भाग लेते हुए कहा कि डॉ. सूरज प्रकाश ने राष्‍ट्रीय स्‍वयं सेवक संघ के दूसरे सरसंघचालक श्री एम.एस गोलवलकर से देश भक्ति, मानव कल्‍याण और सेवा की प्रेरणा लेकर दिल्‍ली में 1963 में भारत विकास परिषद की स्‍थापना की थी ।

उन्‍होंने इस संस्‍था के प्रसार में निस्‍वार्थ रूप से कार्य करते हुए इसे एक विशेष पहचान दिलायी । उन्‍होंने भारत के उत्‍थान और विकास के लिए समाज में संयम, सहयोग, संस्‍कार, सेवा और समर्पण की भावना विकसित करते हुए हजारों लोगों को इस संस्‍था के साथ जोड़ा ।

डॉ. हर्ष वर्धन ने भारत विकास परिषद के संस्‍थापक के साथ अपने संबंध और उनसे मिली प्रेरणा का उल्‍लेख करते हुए कहा कि डॉ. सूरज प्रकाश ने सामाजिक, धार्मिक, राष्‍ट्रीय विषयों पर काम करते हुए इस संस्‍था को समाज के विभिन्‍न वर्गों के कल्‍याण और विकास में समर्पित किया ।

उनके द्वारा स्‍थापित दिल्‍ली के दिलशाद गार्डन में दिव्‍यांग आत्‍म्‍ निर्भर प्रकल्‍प, मिंटो रोड पर शिवाजी के 300वें राज्‍याभिषेक दिवस पर उनकी मूर्ति की स्‍थापना, गुरू तेग बहादुर जी के बलिदान दिवस का आयोजन, स्‍वामी विवेकानंद मेडिकल मिशन कुछ ऐसे अविस्‍मरणीय कार्य हैं जिनसे समाज में समरसता लाने का कार्य संभव हुआ ।

डॉ. हर्ष वर्धन ने कहा कि डॉ. सूरज प्रकाश ने भारतीय मजदूर संघ के प्रेरक श्री दत्‍तोपंत ठेंगरी जी की एक पुस्‍तक से प्रेरणा लेकर पश्चिमीकरण के बिना आधुनिकीकरण की सोच का प्रचार प्रसार किया ।

वे लाला हंसराज गुप्‍ता, श्री केदारनाथ साहनी और श्री वसंत राव ओक जैसी महान हस्तियों के साथ संपर्क में रहे ।

डॉ. हर्ष वर्धन ने यह भी कहा कि डॉ. सूरज प्रकाश ने उन सजग व्‍यक्तियों के लिए भारतीय विकास परिषद का गठन किया जिन्‍हें आर.एस.एस की शाखाओं में जाने का समय नहीं मिलता था लेकिन वे राष्‍ट्र सेवा, भारत की अखंडता और मानव सेवा के लिए काम करना चाहते थे ।

डॉ. हर्ष वर्धन ने कहा कि भारतीय विकास परिषद के एक एक कार्यकर्ता और पदाधिकारी में इतनी योग्‍यता और क्षमता है कि वे प्रधानमंत्री के न्‍यू इंडिया और आत्‍म निर्भर बनाने की सोच को साकार करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं ।

केन्‍द्रीय मंत्री ने कहा कि केन्‍द्रीय पर्यावरण मंत्री के रूप में ग्रीन गुड डीड्स के प्रचार प्रसार में भारत विकास परिषद ने महत्‍वपूर्ण भूमिका निभायी थी ।

डॉ. हर्ष वर्धन ने कहा कि भारत विकास परिषद यदि स्‍वास्‍थ्‍य और परिवार कल्‍याण, विज्ञान और प्रौद्योगिकी तथा पृथ्‍वी विज्ञान मंत्रालय के पास राष्‍ट्र सेवा का कोई प्रकल्‍प प्रस्‍तुत करेगी तो उसे मेरे मंत्रालय की ओर से सहयोग पर समुचित विचार किया जाएगा ।

इस समारोह में श्री सुरेश जैन, डॉ. राकेश गुप्‍ता, श्री अजय गुप्‍ता, श्री एस के वाधवा, बहन रश्मि गोयला, श्री महेश चड्ढा तथा भारत विकास परिषद के पदाधिकारी और अनेक कार्यकर्ता उपस्थित थे ।