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राज्य स्तरीय छठी योगासन स्पोटर््स चेम्पियन शीप 2025 का हुआ आगाज

राज्य के विभिन्न जिलों के 350 से अधिक योग विद्यार्थी ले रहे है भाग

मुख्य बिंदु
  • सोसायटी योगासन भारत एवं राजस्थान विद्यापीठ के संयुक्त तत्वावधान में 28 से 55 वर्ष वर्ग के लिए आयोजित तीन दिवसीय राज्य स्तरीय छठी योगासन स्पोर्ट्स चेम्पियन शीप 2025 का आगाज शनिवार को विद्यापीठ के एग्रीकल्चर महाविद्यालय के सभागार में हुआ।
  • प्रतियोगिता में राजस्थान के विभिन्न जिलों के 350 से अधिक योग विद्यार्थी भाग ले रहे है।
  • प्रतियोगिता का शुभारंभ कुलपति प्रो.
  • शिवसिंह सारंगदेवोत, कुलाधिपति भंवर लाल गुर्जर, विद्या प्रचारिणी सभा भूपाल नोबल्स के मंत्री प्रो.
  • महेन्द्र सिंह आगरिया, सचिव संदीप कासनीया, अध्यक्ष डिम्पल सोलंकी, प्रो.
  • सरोज गर्ग, उपाध्यक्ष डॉ.
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राज्य स्तरीय छठी योगासन स्पोटर््स चेम्पियन शीप 2025 का हुआ आगाज

उदयपुर आर.वाई.एस.ए. सोसायटी योगासन भारत एवं राजस्थान विद्यापीठ के संयुक्त तत्वावधान में 28 से 55 वर्ष वर्ग के लिए आयोजित तीन दिवसीय राज्य स्तरीय छठी योगासन स्पोर्ट्स चेम्पियन शीप 2025 का आगाज शनिवार को विद्यापीठ के एग्रीकल्चर महाविद्यालय के सभागार में हुआ। प्रतियोगिता में राजस्थान के विभिन्न जिलों के 350 से अधिक योग विद्यार्थी भाग ले रहे है।

प्रतियोगिता का शुभारंभ कुलपति प्रो. शिवसिंह सारंगदेवोत, कुलाधिपति भंवर लाल गुर्जर, विद्या प्रचारिणी सभा भूपाल नोबल्स के मंत्री प्रो. महेन्द्र सिंह आगरिया, सचिव संदीप कासनीया, अध्यक्ष डिम्पल सोलंकी, प्रो. सरोज गर्ग, उपाध्यक्ष डॉ. रोहित कुमावत ने मॉ सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्पांजलि एवं दीप प्रज्जवलित कर किया।

आयोजित प्रतियोगिता में खिलाड़ियों द्वारा विभिन्न आसनों को कर उपस्थित अतिथि एवं विद्यार्थियों को रोमांचित कर दिया। पहले दिन के विजयी प्रतिभागियों को अतिथियों द्वारा स्मृति चिन्ह एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया।

समारोह में श्री विद्या फारेस्ट स्कूल के विद्यार्थियों ने योग गीतों पर रंगारंग प्रस्तुतियॉ दी। समारोह में गुरू मॉ भुवनेश्वरी पुरी का संदेश पढ़कर सुनाया गया।

पूरी प्रतियोगिता को रिकार्डिंग के साथ पूरी पारदर्शिता के साथ करायी जा रही है।

इस अवसर पर अपने उद्बोधन में प्रो. सारंगदेवोत ने कहा कि आसन एक ऐसी विधा है जिसे पूरी बारीकी के साथ करना चाहिए, वो मजबूत है तो जो हम मुक्ति व मोक्ष की बात करते है वह आसानी प्राप्त हो सकती है।

सही आसन में साधना करना ही योग है। उन्होंने कहा कि आसन योग का हिस्सा है।

जीवन का आधार है। ईश्वर से रूबरू होने का साधन है आसन।

आसन में व्यक्ति को अपने आप में झाकने का अवसर मिलता है। आसन मानवीय सरोकार है इसे जिंदा रखना जरूरी है, व्यक्ति को इसे अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए।

इस अवसर पर भरत पाल सिंह, हरविंदर सिंह, सुरेश कुमार, करणीपाल सिंह, बलराम सिंह, गजराज शक्तावत, राकेश सुथार, रक्षत लयात, डॉ. अमी राठौड, डॉ. रचना राठौड, निजी सचिव कृष्णकांत कुमावत, डॉ. ममता कुमावत, सौरभ सिंह, डॉ. सुभाष पुरोहित सहित विद्यार्थी उपस्थित थे।

संचालन शवी मालू, डॉ. पायल कुमावत ने किया जबकि आभार डॉ. रोहित कुमावत ने जताया।