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लगातार मेहनत से सबकुछ संभव

मोशन के गौरव ने12वीं में हासिल किया एमपी में दूसरा स्थान

मुख्य बिंदु
  • लगातार मेहनत से सबकुछ संभव हैं।
  • कंसिस्टेंट यानी नियमित रूप से पढ़ाई करें तो कुछ भी नामुमकिन नही हैं।
  • यह कहना है एमपी बोर्ड की12वीं के विज्ञान-गणित ग्रुप में दूसरे स्थान पर रहे गौरव मौर्य का।
  • गौरव श्योपुर निवासी हैं और कोटा में मोशन एजुकेशन के वी-7 बैच के विद्यार्थी हैं।
  • 2 फीसदी अंक हासिल किए हैं।
  • परिणाम आने के बाद एक समारोह में मोशन के ज्वाइंट डायरेक्टर और जेईई डिवीजन के हेड रामरतन द्विवेदी ने गौरव का अभिनन्दन किया।
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लगातार मेहनत से सबकुछ संभव

लगातार मेहनत से सबकुछ संभव हैं। कंसिस्टेंट यानी नियमित रूप से पढ़ाई करें तो कुछ भी नामुमकिन नही हैं।

यह कहना है एमपी बोर्ड की12वीं के विज्ञान-गणित ग्रुप में दूसरे स्थान पर रहे गौरव मौर्य का। गौरव श्योपुर निवासी हैं और कोटा में मोशन एजुकेशन के वी-7 बैच के विद्यार्थी हैं।

उन्होंने 97.2 फीसदी अंक हासिल किए हैं। परिणाम आने के बाद एक समारोह में मोशन के ज्वाइंट डायरेक्टर और जेईई डिवीजन के हेड रामरतन द्विवेदी ने गौरव का अभिनन्दन किया।

इस मौके पर गौरव ने बताया कि यह उनके लिए बेहद भावुक क्षण है। खुशी है कि बहुत अच्छे मार्क्स आए।

मैंने पूरी मेहनत की थी और टॉप 10 में आने की उम्मीद थी लेकिन दूसरा स्थान मिल जाएगा, यह नहीं सोचा था। उन्होंने बताया-मुझे लगता हैं कि नियमित पढ़ाई करके अच्छे नंबर लाए जा सकते हैं।

टॉपर बनने के लिए सत्र की शुरुआत से ही तैयारी आरम्भ कर दी थी। मैंने सभी विषयों पर बराबर ध्यान दिया।

एक दिन में 8 से 10 घंटे पढ़ाई की। उसके बाद पूरी नींद ली और बिल्कुल भी स्ट्रेस नहीं लिया।

मेरी सफलता में पेरेंट्स, टीचर्स और दोस्तों सभी का योगदान हैं। मेरा परिवार मूल रूप से श्योपुर का रहना वाला हैं।

पिता फूलसिंह मौर्य भारतीय जीवन बीमा निगम के लिए काम करते हैं और मां गृहणी हैं। बड़ी बहन नर्सिंग कर रही है।

मेरी पूरी पढाई सरकारी स्कूल में हुई। हमारे जैसे सामान्य परिवार के लिए यह बड़ी उपलब्धि हैं।

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि फ्यूचर को लेकर कोई दबाव नही महसूस कर रहा। मुझे अपनी मेहनत पर भरोसा हैं और आगे भी पूरी मेहनत के साथ आगे बढ़ना है।

मेरा लक्ष्य मुंबई आईआईटी से कंप्यूटर साइंस लेकर इंजीनियर बनना हैं।