उदयपुर। राज्य सरकार के निर्देशानुसार जिले में संचालित विकसित भारत-जन सेवा अभियान के तहत मंगलवार को जिले की सभी पंचायत समिति मुख्यालयों पर सेवा सेतु शिविरों का आयोजन किया गया।
शिविरों में विभिन्न विभागों की सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होने से बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने शिविरों में पहुंचकर सरकारी योजनाओं एवं जनकल्याणकारी कार्यक्रमों का लाभ लिया।सेवा सेतु शिविरों का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को विभिन्न विभागों से संबंधित सेवाओं और योजनाओं का लाभ उनके नजदीकी क्षेत्र में उपलब्ध कराना तथा आमजन की समस्याओं का स्थानीय स्तर पर समाधान सुनिश्चित करना है।
इसी क्रम में आयोजित शिविरों में ग्रामीणों की सुविधा के लिए विभिन्न विभागों के कार्मिक उपस्थित रहे और विभागीय सेवाओं से जुड़े कार्यों का संपादन किया।बरसों बाद मिला मालिकाना हकपंचायत समिति भीण्डर में आयोजित शिविर में ग्राम पंचायत सारंगपुरा गांव के एक परिवादी को हाथों हाथ पुश्तैनी मकान का मालिकाना हक मिलने से बड़ी राहत मिली।
सारंगपुरा निवासी हुकमराजसिंह पुत्र चतनसिंह राणावत ने पुश्तैनी मकान के पट्टे के लिए ग्राम पंचायत में आवेदन किया था। मंगलवार को शिविर के दौरान विकास अधिकारी गुलाबसिंह गुर्जर के निर्देशन में आवेदन पर त्वरित कार्यवाही करते हुए प्रार्थी को पट्टा जारी किया गया।
इस दौरान अतिरिक्त विकास अधिकारी कैलाशचंद्र मेघवाल सहित जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।
बरसों बाद पुश्तैनी मकान का मालिकाना हक मिलने पर प्रार्थी हुकमराज सिंह ने राज्य सरकार और प्रशासन का आभार व्यक्त किया।दंपती को मिली बडी राहतपंचायत समिति कुराबड़ में आयोजित सेवा सेतु श्ाििवर बुजुर्ग दंपती के लिए वरदान साबित हुआ।
परमदा निवासी देवा पुत्र नंदा और उसकी पत्नी वेलकी बाई ने वृद्धावस्था पेंशन शुरू कराने को लेकर आवेदन किया। तकनीकी कारणों से ई मित्र के माध्यम से आवेदन नहीं हो पा रहा था।
इस पर विकास अधिकारी जितेंद्रसिंह राजावत के निर्देश पर शिविर में उपस्थित टीम ने हाथों हाथ आवश्यक कार्यवाही करते हुए बुजुर्ग दंपती की पेंशन स्वीकृत की।
शिविर में ही दंपती को पेंशन आदेश प्रदान किए गए। इससे उनके चेहरे खुशी से खिल उठे।
