उदयपुर। संगीत, सौहार्द और आत्मीयता से सराबोर ‘पंचम ध्वनि’ का प्रथम संगीत कार्यक्रम ‘मनपसंद गीत’ हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में सदस्यों ने अपनी मधुर गायकी से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। गीत-संगीत की प्रस्तुतियों के बीच सदस्यों का आपसी प्रेम, अपनत्व और सद्भाव भी देखते ही बना।
समूह संयोजक सत्यजीत राय एवं महिला सदस्यों ने मां सरस्वती के नमन और माल्यार्पण के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया। गीता सिंह राठौड़ ने शानदार संगीतमय आगाज किया। इसके बाद चंद्रप्रकाश गंधर्व के मधुर गायन, नूतन बेदी की ‘सायोनारा’ और कमल जुनेजा की ‘गुल और बुलबुल की कहानी’ की आनंदमयी प्रस्तुतियों ने श्रोताओं का मन मोह लिया।
मधु शर्मा ने सुरीले अंदाज में गीत प्रस्तुत किया, वहीं ज्योति मोदियानी की ‘कभी कभी’ की प्रस्तुति विशेष आकर्षण रही। आयुषी एवं कामिनी ने भी अपनी मधुर आवाज से कार्यक्रम में रंग जमा दिया। सत्यजीत रॉय के प्रभावशाली गायन, हेमंत सूर्यवंशी की शानदार प्रस्तुति और गौरी राय के मधुर स्वरों ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया। पार्थ मजूमदार ने अपनी स्वरचित संगीत रचना पर गायन प्रस्तुत कर आयोजन में अनूठा रंग भर दिया।
कार्यक्रम का आकर्षक मंच संचालन नूतन बेदी एवं गीता सिंह राठौड़ ने किया। पूरे आयोजन में शालीनता, सहजता और संगीत के प्रति सदस्यों का समर्पण देखने को मिला। सभी प्रस्तुतियों ने वातावरण को संगीतमय बना दिया और उपस्थित सदस्यों ने कार्यक्रम का भरपूर आनंद लिया।
कार्यक्रम के समापन पर सफल आयोजन के लिए ‘पंचम ध्वनि’ के सभी सदस्यों को बधाई दी गई। प्रथम आयोजन ने यह संदेश दिया कि संगीत केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि लोगों को आपस में जोड़ने और आत्मीय संबंधों को मजबूत बनाने का सशक्त माध्यम भी है। इस तरह ‘पंचम ध्वनि’ का यह संगीतमय मिलन सुरों की मिठास के साथ प्रेम, सौहार्द और सद्भाव की यादगार अभिव्यक्ति बन गया।
