नई दिल्ली: पेप्सिको इंडिया अपने फूड एवं बेवरेज बिजनेस का विस्तार करने के साथ-साथ भारत के तेजी से जागरूक हो रहे उपभोक्ताओं की बदलती जरूरतों के अनुरूप अपने पोर्टफोलियो को भी विकसित कर रही है।
उपभोक्ताओं के पसंदीदा स्वाद और सेहत को लेकर बढ़ती जागरूकता के बीच संतुलन बनाते हुए कंपनी उत्पादों की संरचना में बदलाव, नए उत्पादों व फॉर्मेट्स और विविध सामग्रियों के इस्तेमाल के जरिए अपने 'बेटर-फॉर-यू' (Better-for-You) विकल्पों का विस्तार कर रही है।
इसके साथ ही, पोषण एवं उत्पादों की खूबियों को लेकर अधिक पारदर्शिता पर भी जोर दिया जा रहा है, जिससे उपभोक्ताओं को ज्यादा विकल्प और जरूरी जानकारी मिल सके ताकि वे अपनी व्यक्तिगत पसंद और उपभोग के अवसरों के अनुसार सही चुनाव कर सकें।
पेप्सिको इंडिया के बेवरेज बिजनेस ने कम और मध्यम कैलोरी वाले विकल्पों को बढ़ाने की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की है।
आज कंपनी के 70 प्रतिशत से अधिक बेवरेज पोर्टफोलियो में जीरो-शुगर या मध्यम कैलोरी वाले विकल्प शामिल हैं, और कंपनी का लक्ष्य समय के साथ इसे बढ़ाकर 90 से 100 प्रतिशत तक ले जाने का है।
कंपनी रिफॉर्म्युलेशन और कम तथा बिना शुगर वाले विकल्पों की बढ़ती रेंज के जरिए इस दिशा में आगे बढ़ रही है। इनमें पेप्सी ब्लैक, 7UP जीरो शुगर, गेटोरेड जीरो और निम्बूज जैसे उत्पाद शामिल हैं।
फूड्स कैटेगरी में पेप्सिको इंडिया बेहतर पोषण, विविध सामग्रियों और तैयार करने के नए तरीकों के माध्यम से उपभोक्ताओं के लिए विकल्प बढ़ा रही है।
2026 में 'क्वेकर' को नए रूप (restaged) में पेश किया गया, जिससे इसमें स्वाभाविक रूप से मौजूद प्रोटीन, फाइबर और साबुत अनाज की खूबियों को और प्रमुखता से सामने लाया जा सके।
कंपनी के बेहतर विकल्पों में 40 प्रतिशत कम फैट वाले 'रेड रॉक डेली' के बेक्ड वेरिएंट्स और भारत की कृषि विरासत को सम्मान देते हुए तैयार किया गया मिलेट-आधारित इनोवेशन 'कुरकुरे ज्वार पफ्स' भी शामिल हैं।
ये इनोवेशन अलग-अलग स्वादों, पसंद और जीवनशैली के अनुरूप उपभोक्ताओं को अधिक विकल्प उपलब्ध कराने के पेप्सिको के व्यापक प्रयासों का हिस्सा हैं।
लेज़, कुरकुरे, डोरिटोस, चीटोस, अंकल चिप्स, क्वेकर और रेड रॉक डेली सहित कंपनी के पूरे कन्वीनिएंट फूड्स पोर्टफोलियो में किसी भी आर्टिफिशियल फ्लेवर या कलर का इस्तेमाल नहीं किया जाता है।
पारदर्शिता इस बदलाव का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनी हुई है। पेप्सिको इंडिया अपने उत्पादों के पैक पर पोषण संबंधी जानकारी उपलब्ध कराती है, जिसमें एनर्जी, सर्विंग साइज और प्रमुख पोषक तत्वों के लिए अनुशंसित दैनिक मात्रा (RDA) में उनके योगदान से जुड़ी जानकारी शामिल होती है।
पेप्सिको इंडिया एवं साउथ एशिया की चीफ कॉरपोरेट अफेयर्स ऑफिसर और सस्टेनेबिलिटी हेड याशिका सिंह ने कहा, “पेप्सिको इंडिया में हमारा मानना है कि उपभोक्ताओं के साथ आगे बढ़ने का मतलब उनकी बदलती प्राथमिकताओं को समझना और उनकी अलग-अलग पसंद को पहचानना है।
बेहतर विकल्पों को आसानी से उपलब्ध कराना हमारे लिए केवल एक जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह हमारे नवाचार और विकास के तरीके का भी एक अहम हिस्सा है।
इसके माध्यम से हम अपने ब्रांड्स के जरिए लोगों को सोच-समझकर विकल्प चुनने के लिए सशक्त बना रहे हैं और उनके जीवन में खुशियां ला रहे हैं।
कम और जीरो शुगर वाले बेवरेज से लेकर साबुत अनाज और मिलेट्स जैसी विविध सामग्रियों से तैयार स्नैक्स तक, हम ऐसे उपभोक्ताओं के लिए विकल्पों का विस्तार कर रहे हैं जो अपनी पसंद को लेकर लगातार अधिक जागरूक हो रहे हैं, जबकि स्वाद और आनंद हमारे अनुभव के केंद्र में बने हुए हैं।
आखिरकार, इसका उद्देश्य ऐसे अधिक विकल्प प्रदान करना है जो उपभोक्ताओं की बदलती जरूरतों के अनुकूल हों और भारत में खान-पान के विविध तरीकों को दर्शाते हों।”
ये सभी प्रयास पेप्सिको इंडिया के उपभोक्ता-केंद्रित पोर्टफोलियो परिवर्तन (transformation) के दृष्टिकोण को दर्शाते हैं, जिसके तहत कंपनी अपने स्थापित उत्पादों को विकसित करने के साथ-साथ भारतीय उपभोक्ताओं के बदलते स्वाद, जीवनशैली और अवसरों के अनुरूप नए विकल्प तैयार कर रही है।
