उदयपुर। विज्ञान समिति, उदयपुर के तत्त्वावधान में आज, 02 नवम्बर 2026 को एक विशेष वैज्ञानिक वार्ता का आयोजन किया गया।
वार्ता में डॉ. शशि बाला सिंह, पूर्व निदेशक, डिफेंस इंस्टीट्यूट ऑफ फिजियोलॉजी एंड एलाइड साइंसेज (DIPAS), नई दिल्ली; पूर्व अध्यक्ष, लाइफ साइंस रिसर्च बोर्ड तथा पूर्व निदेशक, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्युटिकल रिसर्च, हैदराबाद ने अधिक ऊँचाई वाले क्षेत्रों में मानव शरीर पर पड़ने वाले प्रभावों पर विस्तृत जानकारी दी।
डॉ. सिंह ने बताया कि अधिक ऊँचाई वाले क्षेत्रों में वायुदाब कम होने के साथ हवा में ऑक्सीजन का आंशिक दबाव भी कम हो जाता है। इसके परिणामस्वरूप मानव शरीर में कई प्रकार के शारीरिक परिवर्तन होते हैं।
हृदय की धड़कन और श्वसन की गति बढ़ जाती है, लाल रक्त कणिकाओं की संख्या में वृद्धि होती है तथा भूख कम लगने जैसी समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं।
उन्होंने बताया कि उनकी संस्था द्वारा भारतीय सैनिकों के लिए अधिक ऊँचाई वाले क्षेत्रों की कठिन परिस्थितियों से निपटने हेतु विभिन्न वैज्ञानिक उपाय, प्रशिक्षण विधियाँ एवं विशेष उपकरण विकसित किए गए हैं।
इनमें योग, नियंत्रित वैज्ञानिक परिस्थितियों का उपयोग तथा आधुनिक उपकरणों की सहायता प्रमुख हैं। इन उपायों से सैनिकों की शारीरिक क्षमता और अनुकूलन क्षमता बढ़ाने तथा कठिन पर्यावरणीय परिस्थितियों में उनके जीवन को अधिक सुरक्षित एवं सुगम बनाने में सहायता मिलती है।
मीडिया प्रभारी प्रोफेसर विमल शर्मा ने बताया कि कार्यक्रम में इंजी. आर. के. चतुर ने वक्ता का स्वागत किया। विषय-वस्तु की पृष्ठभूमि एवं वक्ता का परिचय प्रो. महीप भटनागर ने प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम में कुलप्रमुख डॉ. के. एल. कोठारी, डॉ. के. पी. तलेसरा, इंजी. आर. के. खोखावत, डॉ. बी. एल. चावत, डॉ. कमला कंवरानी, मुनीष गोयल, डॉ. सुजान सिंह, शांतिलाल भण्डारी, रेणु भण्डारी, इंजी. एम. पी. जैन, मधु मित्तल सहित अनेक गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।
अंत में डॉ. के. एल. तोतावत ने सभी उपस्थितजनों एवं वक्ता के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।
