जम्मू । उत्तर रेलवे के जम्मू मंडल के रेलकर्मियों ने अपनी सतर्कता, त्वरित कार्यवाही और उच्च कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए तीन अलग-अलग घटनाओं में तीन रेल यात्रियों की समय पर जान बचाकर मानवता की एक अनूठी मिसाल पेश की है।
रेल कर्मचारियों की इस सजगता और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता के कारण सभी यात्रियों को ऐन वक्त पर आपातकालीन चिकित्सा सहायता मिल सकी।जम्मू मंडल के जनसम्पर्क निरीक्षक श्री राघवेन्द्र सिंह ने बताया कि ’पहली घटना’ ट्रेन संख्या 15098 के पास की है, जहाँ प्रवेश द्वार पर अचानक एक महिला यात्री, स्वीटी कुमारी को कार्डियक अरेस्ट आ गया और वह बेहोश होकर गिर पड़ीं।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ड्यूटी पर तैनात मुख्य टिकट निरीक्षक, श्री तरसेम लाल और टिकट चेकिंग स्टाफ श्री दीपक ने बिना एक पल गंवाए तत्काल एम्बुलेंस बुलवाई और पीड़ित महिला को तुरंत नजदीकी अस्पताल भिजवाया, जिससे उनकी जान बच सकी।
’दूसरी घटना’ में, ट्रेन संख्या 22402 (जम्मू से दिल्ली) के कोच बी-11 की सीट संख्या 51 में यात्रा कर रहे 60 वर्षीय बुजुर्ग यात्री श्री राकेश कुमार को यात्रा के दौरान अचानक अस्थमा का गंभीर दौरा पड़ा।
उसी दौरान कोच में तैनात टिकट चेकिंग स्टाफ श्री अजय कुमार ने तुरंत अंबाला कंट्रोल को सूचित कर समन्वय किया, जिसके परिणामस्वरूप अगले ठहराव पर यात्री को जरूरी जीवन रक्षक दवाएं उपलब्ध कराई गईं।
समय पर मिली मदद के लिए यात्री ने रेल प्रशासन का आभार व्यक्त किया।’तीसरी घटना’ में, आज दिनांक 14 अक्टूबर को ट्रेन संख्या 26401 के कोच सी-17 में यात्रा कर रहे, 3 वर्षीय मासूम बच्चे को अचानक सीजर (दौरे) का अटैक आ गया।
टिकट चेकिंग स्टाफ तथा स्टेशन अधीक्षक श्रीनगर ने तुरंत कार्रवाई करते हुए, श्रीनगर रेलवे स्टेशन पर राजकीय रेलवे पुलिस व रेलवे सुरक्षा बल के सहयोग से उजाला अस्पताल से एम्बुलेंस की व्यवस्था करवाई गई।
साथ ही बच्चे को तुरंत अस्पताल में भिजवाया गया, जहाँ अब उसकी हालत स्थिर है।
यात्रियों ने रेलवे कर्मचारीयों और अस्पताल प्रशासन की इस त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की सराहना की।इस सराहनीय कार्य पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक, जम्मू मंडल ने कहा कि हमें अपने रेलकर्मियों की इस सतर्कता और सेवा भावना पर अत्यंत गर्व है।
भारतीय रेल का मूल मंत्र केवल यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचाना ही नहीं, बल्कि सफर के दौरान उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य की रक्षा करना भी है, इस संबंध में हमने टिकट चेकिंग स्टाफ के साथ संवाद आयोजित किया।
जिसका मुख्य उद्देश्य टीटीई स्टाफ को यात्रियों की जरूरतों के प्रति अधिक संवेदनशील और जागरूक बनाना है, ताकि किसी भी यात्री को आवश्यकता पड़ने पर तुरंत सहायता मिल सके।
इसके तहत 13 अक्टूबर को ऑनलाइन माध्यम से 80 रेल कर्मियों के साथ संवाद किया गया।
यात्रियों के सफर को अधिक सुरक्षित और आरामदायक बनाने के लिए इस अभियान को आगे भी चरणबद्ध तरीके से जारी रखा जाएगा।जम्मू मंडल अपने सभी सम्मानित यात्रियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और सुखद यात्रा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
