उदयपुर । माणिक्य लाल वर्मा आदिम जाति शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान (टीआरआई), उदयपुर की ओर से जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से आयोजित जनजातीय चित्रकला एवं कलाकृतियों की प्रदर्शनी के दूसरे दिन गुरुवार को आमजन, विद्यार्थियों एवं युवाओं ने बड़ी संख्या में पहुंचकर प्रदर्शनी का अवलोकन किया।चेतक सर्कल स्थित सूचना केंद्र के प्रदर्शनी हॉल में आयोजित इस तीन दिवसीय प्रदर्शनी में राज्य स्तरीय जनजातीय चित्रकला एवं कला कार्यशाला के दौरान भील जनजाति के कलाकारों द्वारा तैयार की गई कलाकृतियां प्रदर्शित की जा रही हैं।
प्रदर्शनी में प्रदर्शित चित्रों एवं कलाकृतियों के माध्यम से दर्शकों को जनजातीय कला की समृद्ध परंपरा, सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक कलारूपों को करीब से जानने का अवसर मिल रहा है।प्रदर्शनी का उद्देश्य जनजातीय कलाकारों की कलाकृतियों का व्यापक प्रचार-प्रसार करना तथा आमजन में पारंपरिक जनजातीय कला के प्रति समझ, रुचि और जुड़ाव विकसित करना है।
विद्यार्थियों एवं युवाओं की सहभागिता से जनजातीय कला और संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में भी यह प्रदर्शनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
प्रदर्शनी शुक्रवार, 16 अक्टूबर तक आमजन के अवलोकनार्थ खुली रहेगी। इच्छुक व्यक्ति प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक सूचना केंद्र प्रदर्शनी हॉल में पहुंचकर जनजातीय चित्रकला एवं कलाकृतियों का अवलोकन कर सकते हैं।
