उदयपुर : क्या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और रोबोटिक्स की मदद से जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी को अधिक बेहतर और प्रभावी बनाया जा सकता है और मरीजों को दोबारा चलने-फिरने में मदद मिल सकती है?
इन्हीं महत्वपूर्ण सवालों पर इंडियन आर्थ्रोप्लास्टी एसोसिएशन (आईएए) की 22वीं वार्षिक कॉन्फ्रेंस, आईएकॉन 2026 में विशेष चर्चा की जाएगी। अहमदाबाद के एपिक मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल में घोषित इस कॉन्फ्रेंस का आयोजन 23 से 25 अक्टूबर तक क्लब ओ7 में किया जाएगा।
इसमें 1,000 से अधिक पंजीकृत प्रतिनिधि और भारत सहित विभिन्न देशों के 180 विशेषज्ञ भाग लेंगे। इस वर्ष कॉन्फ्रेंस की थीम 'इवॉल्विंग आर्थ्रोप्लास्टी - रोबोटिक्स, काइनेमैटिक्स एंड इनोवेशन' रखी गई है।
आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. एच. पी. भालोडिया ने कहा कि आईएकॉन 2026 इंडियन आर्थ्रोप्लास्टी एसोसिएशन के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
इस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से देश के प्रमुख विशेषज्ञों को एक मंच पर लाकर भारत में आर्थ्रोप्लास्टी के मानकों को और बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
हमारा उद्देश्य एक ऐसा मंच तैयार करना है, जहां आधुनिक चिकित्सा ज्ञान के साथ सार्थक शैक्षणिक चर्चा हो और विशेषज्ञ अपने सर्जिकल अनुभव एक-दूसरे के साथ साझा कर सकें।
कॉन्फ्रेंस में एआई-असिस्टेड इंस्ट्रूमेंट्स, रोबोटिक्स और 3डी कैमरा-असिस्टेड सर्जरी जैसी आधुनिक तकनीकों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
डॉ. एच. पी. भालोडिया इंटेलिजॉइंट टेक्नोलॉजी का उपयोग करते हुए एआई-असिस्टेड टोटल हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी पर एक विशेष सेशन आयोजित करेंगे। इसमें एडवांस्ड सर्जिकल नेविगेशन की मदद से सर्जरी को अधिक बेहतर और सटीक बनाने की संभावनाओं पर चर्चा की जाएगी।
इसके अलावा यूनिकॉन्डाइलर नी आर्थ्रोप्लास्टी और टोटल हिप रिप्लेसमेंट के डेमोंस्ट्रेशन, लगभग 30 सर्जिकल वीडियो और विशेषज्ञों की पैनल चर्चाएं भी होंगी।
इन चर्चाओं में कॉम्प्लेक्स केसेस, दुर्लभ पेरिप्रोस्थेटिक फ्रैक्चर्स और चुनौतीपूर्ण जॉइंट इन्फेक्शंस जैसे विषयों को शामिल किया जाएगा।
आयोजन सचिव डॉ. धीरज मारोठी जैन ने कहा कि 1,000 से अधिक प्रतिनिधियों और देश-विदेश के 180 विशेषज्ञों की भागीदारी के साथ आईएकॉन 2026 को एक व्यापक शैक्षणिक मंच के रूप में तैयार किया गया है।
इसमें प्रैक्टिकल लर्निंग पर विशेष जोर दिया गया है। आईएए के इतिहास में पहली बार बड़े स्तर पर आयोजित होने वाली कैडेवरिक वर्कशॉप सर्जनों को प्रैक्टिकल ट्रेनिंग का विशेष अवसर प्रदान करेगी।
आईएए के इतिहास में पहली बार आयोजित होने वाली इस बड़े स्तर की कैडेवरिक वर्कशॉप का आयोजन मुख्य कॉन्फ्रेंस से एक दिन पहले, 22 अक्टूबर को अहमदाबाद के बी. जे. मेडिकल कॉलेज और सिविल हॉस्पिटल में किया जाएगा।
इस वर्कशॉप में 12 कैडेवरिक स्पेसिमेन्स का उपयोग करके डायरेक्ट एंटीरियर अप्रोच हिप रिप्लेसमेंट, यूनिकॉन्डाइलर नी आर्थ्रोप्लास्टी, टोटल नी आर्थ्रोप्लास्टी और रिवर्स शोल्डर आर्थ्रोप्लास्टी जैसी सर्जिकल तकनीकों का डेमोंस्ट्रेशन किया जाएगा।
कॉन्फ्रेंस में 10 अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ भी भाग लेंगे। इनमें ऑस्ट्रेलिया से चार, आयरलैंड से तीन, अमेरिका से दो और यूनाइटेड किंगडम से एक विशेषज्ञ शामिल होंगे।
आयोजन समिति की सह-अध्यक्ष डॉ. डिम्पल पारेख ने कहा कि आईएकॉन 2026 आर्थ्रोप्लास्टी विशेषज्ञों के लिए अपने अनुभव साझा करने, बदलती क्लिनिकल प्रैक्टिस पर चर्चा करने और अलग-अलग दृष्टिकोणों से सीखने का एक महत्वपूर्ण मंच है।
भारत और विदेश के विशेषज्ञों की भागीदारी से सार्थक शैक्षणिक संवाद और आपसी सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।
