नई दिल्ली । यात्रियों की सहभागिता को बढ़ावा देने तथा क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने के निरंतर प्रयासों के तहत कुरुक्षेत्र रेलवे स्टेशन पर स्टेशन महोत्सव का आयोजन बड़े उत्साह के साथ किया गया।
इस अवसर पर यात्रियों, स्थानीय निवासियों, शैक्षणिक संस्थानों, कलाकारों तथा रेलवे अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। महोत्सव में देशभक्ति गीत क़ी प्रस्तुतियां दी गईं।
कुरुक्षेत्र को भगवद्गीता एवं महाभारत से जुड़ी पवित्र भूमि के रूप में विशेष सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक महत्व प्राप्त है।उत्तर पश्चिम रेवले के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी श्री हिमांशु शेखर उपाध्याय ने बताया कि स्टेशन महोत्सव के अंतर्गत विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिनमें नुक्कड़ नाटक, रेलवे के इतिहास पर आधारित प्रदर्शनी शामिल थे।
सेवानिवृत कर्मचारियों को भी सम्मानित किया गया। कुरुक्षेत्र जं. रेलवे स्टेशन के महत्व पर आधारित एक लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया।
इसके अलावा, इस अवसर पर स्टेशन परिसर में एक विशेष स्टॉल लगाकर रेलवे से संबंधित कलाकृतियों की बिक्री भी की गई।कुरुक्षेत्र भारत की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत में एक विशिष्ट स्थान रखता है।
कुरुक्षेत्र स्टेशन महोत्सव के माध्यम से उत्तर रेलवे का उद्देश्य यात्रियों और स्थानीय समुदायों को क्षेत्र की समृद्ध परंपराओं से जोड़ना तथा यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने और यात्रा अनुभव को सुखद बनाने के लिए किए जा रहे निरंतर प्रयासों को प्रदर्शित करना है।
रेलवे स्टेशन केवल आवागमन के स्थान नहीं हैं, बल्कि वे हमारे राष्ट्र की पहचान और विरासत के प्रवेश द्वार भी हैं। सुरक्षित, स्वच्छ, सुगम एवं यात्री-अनुकूल रेलवे अवसंरचना उपलब्ध कराने के प्रति उत्तर रेलवे की प्रतिबद्धता है।
यात्रियों से स्टेशन की स्वच्छता बनाए रखने तथा रेलवे की परिसंपत्तियों के संरक्षण में सक्रिय भागीदारी के लिए निवेदन है।
