जैसलमेर । राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर द्वारा प्रवर्तित योजना रालसा ¼लीगल सर्विसेज फॉर विक्टिम्स ऑफ साइबर क्राइम½ योजना, 2026 के निर्देशों की अनुपालना में जिला एवं सेशन न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, ओमी पुरोहित के निर्देशन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं साईबर पुलिस थाना के संयुक्त तत्वावधान में के आयोजित की।
शिविर के दौरान डा. जालमसिंह ने बताया कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन साइबर क्राइम कॉर्डिनेशन सेंटर एवं गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा साइबर क्राइम संबंधित अपराधों की रोकथाम हेतु cybercrime.gov.in, कस्टडी, पैसे के रेस्टोरेशन एवं शिकायत निवारण हेतु मानक संचालन प्रकिया तैयार की है।
इस SOP को तैयार करने मुख्य उद्देश्य वित्तीय धोखधड़ी के मामलों में पुलिस, बैंक एवं वित्तीय संस्थानों तथा अन्य संबंधित संस्थाओं के लिए एक समान प्रक्रिया निर्धारित करना और ठगी की राशि को शीघ्र सुरिक्षत कर पीड़ित को वापस दिलाने की व्यवस्था करना है।’’
शिविर में जानकारी देेते हुए बताया कि यदि किसी व्यक्ति के साथ साईबर ठगी हो जाती है तो उसे तुरंत 1930 नंबर पर शिकायत दर्ज करवानी चाहिए, इसके लिए घटना के तीस मिनट के भीतर दर्ज करवाया जाना गोल्डन टाईम पीडियड बताया जिससे घटना को रोकने या पैसे के ट्रांजेक्शन को रोकने में मदद मिलती है।
उन्होंने सोशल मीडिया के संतुलित उपयोग तथा सावधानीपूर्वक अपने निजी डाटा यथा फोटोज, वीडियोज आदि शेयर करने की बात कही। किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से पहले वेरिफाई करने तथा विश्वसनीय होने पर ही क्लिक करने की सलाह दी।
