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भारतीय सेना की पूर्वी कमान के लिए इंडियनऑयल ने एक्सट्रीम वेदर ग्रेड एचएसडी की पहली रेक को किया रवाना

एक्सडब्ल्यूजी डीजल की आपूर्ति अब उत्तरी और पूर्वी दोनों सीमांत क्षेत्रों तक विस्तारित, भारतीय सशस्त्र बलों के प्रति इंडियनऑयल की प्रतिबद्धता और मजबूतनई दिल्ली: इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (इंडियनऑयल) ने भारतीय सेना के

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भारतीय सेना की पूर्वी कमान के लिए इंडियनऑयल ने एक्सट्रीम वेदर ग्रेड एचएसडी की पहली रेक को किया रवाना

एक्सडब्ल्यूजी डीजल की आपूर्ति अब उत्तरी और पूर्वी दोनों सीमांत क्षेत्रों तक विस्तारित, भारतीय सशस्त्र बलों के प्रति इंडियनऑयल की प्रतिबद्धता और मजबूत नई दिल्ली: इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (इंडियनऑयल) ने भारतीय सेना के साथ अपने दीर्घकालिक सहयोग में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए आज पानीपत मार्केटिंग कॉम्प्लेक्स से सेना की पूर्वी कमान के लिए एक्सट्रीम वेदर ग्रेड (एक्सडब्ल्यूजी) हाई स्पीड डीजल (एचएसडी) की पहली रेक को रवाना किया।

इस रेक को लेफ्टिनेंट जनरल मुकेश चड्ढा, एवीएसएम, एसएम, वीएसएम, महानिदेशक (आपूर्ति एवं परिवहन) तथा वरिष्ठ कर्नल कमांडेंट, सेना मुख्यालय, रक्षा मंत्रालय (थल सेना) ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर के. जॉन प्रसाद, कंट्री हेड (इंस्टीट्यूशनल बिजनेस), इंडियनऑयल तथा एम. एल. दहरिया, कार्यकारी निदेशक एवं रिफाइनरी प्रमुख, पानीपत रिफाइनरी, इंडियनऑयल भी उपस्थित थे।

जुलाई 2026 में सेना प्रमुख द्वारा लॉन्च किया गया इंडियनऑयल का एक्सडब्ल्यूजी एचएसडी विशेष रूप से अत्यधिक ठंड और उच्च हिमालयी क्षेत्रों में भारतीय सेना की चुनौतीपूर्ण परिचालन आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया है। इसकी उन्नत निम्न-तापमान कार्यक्षमता सेना के वाहनों एवं उपकरणों को देश के सबसे दुर्गम और कठिन भौगोलिक क्षेत्रों में भी निर्बाध रूप से संचालित करने में सक्षम बनाती है।

पूर्वी कमान को पहली आपूर्ति के साथ अब एक्सडब्ल्यूजी एचएसडी की उपलब्धता देश की उत्तरी और पूर्वी दोनों सीमाओं तक पहुंच गई है। इंडियनऑयल पूर्वी क्षेत्र में एक्सडब्ल्यूजी डीजल उपलब्ध कराने वाला पहला पीएसयू बन गया है, जिससे इस क्षेत्र में भारतीय सेना की आवश्यकताओं को एक समर्पित आपूर्ति श्रृंखला के माध्यम से पूरा किया जा सकेगा।

यह उपलब्धि भारतीय सशस्त्र बलों की परिचालन आवश्यकताओं के अनुरूप विशेष ईंधनों के स्वदेशी विकास हेतु इंडियनऑयल के सतत प्रयासों का परिणाम है।

इनमें वर्ष 2019 में विंटर ग्रेड डीजल, वर्ष 2022 में ऑल वेदर ग्रेड एचएसडी तथा लो सल्फर, लो एरोमेटिक सुपीरियर केरोसिन ऑयल का विकास शामिल है।

ये सभी उत्पाद चुनौतीपूर्ण भौगोलिक एवं जलवायु परिस्थितियों के लिए उपयुक्त ऊर्जा समाधान विकसित करने के प्रति इंडियनऑयल की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।

इस अवसर पर लेफ्टिनेंट जनरल मुकेश चड्ढा ने कहा, “एक्सडब्ल्यूजी उच्च हिमालयी और अत्यधिक प्रतिकूल मौसम वाले क्षेत्रों में परिचालन तैयारी और तत्परता के लिए एक महत्वपूर्ण बदलावकारी पहल साबित हो सकता है।

पहली बार यह विशेष ईंधन लद्दाख से आगे बढ़कर सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश में भी परिचालन कार्यों को समर्थन प्रदान करेगा।

इसके लिए पूर्वानुमेय, विस्तार योग्य एवं त्वरित प्रतिक्रिया देने वाली आपूर्ति श्रृंखला आवश्यक है, जिससे सही समय पर सही स्थान पर ईंधन उपलब्ध कराया जा सके।

एक्सडब्ल्यूजी डीजल को एक परिचालन आवश्यकता से वास्तविकता में बदलने में इंडियनऑयल की साझेदारी सराहनीय है।”

इंडियनऑयल के कंट्री हेड (इंस्टीट्यूशनल बिजनेस) के. जॉन प्रसाद ने कहा, “भारतीय सेना देश के सबसे चुनौतीपूर्ण भू-भागों और जलवायु परिस्थितियों में कार्य करती है, जहां विश्वसनीय ईंधन प्रदर्शन परिचालन गतिशीलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

पूर्वी कमान तक एक्सडब्ल्यूजी एचएसडी की आपूर्ति का विस्तार रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण एक और क्षेत्र में सेना को समर्थन देने की हमारी क्षमता को मजबूत करता है।

‘नेशन फर्स्ट’ के अपने मूल कॉर्पोरेट मूल्य के अनुरूप इंडियनऑयल सशस्त्र बलों के लिए स्वदेशी, उद्देश्य-आधारित ऊर्जा समाधान विकसित करने तथा आत्मनिर्भर भारत के विजन को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है।”

पहली रेक का यह प्रेषण इंडियनऑयल और भारतीय सेना के बीच लंबे समय से चले आ रहे मजबूत सहयोग को और सुदृढ़ करता है। स्वदेशी उत्पाद विकास और देशव्यापी विश्वसनीय आपूर्ति नेटवर्क के माध्यम से इंडियनऑयल भारत के सबसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में सशस्त्र बलों की ऊर्जा आवश्यकताओं को निरंतर पूरा कर रहा है तथा देश की ऊर्जा सुरक्षा एवं रक्षा तैयारियों को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।