उदयपुर, देवेंद्र धाम स्थित महावीर समवशरण में आयोजित धर्मसभा में पूज्य डॉ. सुरेन्द्र मुनि ने विनय धर्म के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विनय ही मनुष्य को वास्तविक महानता, सम्मान और सफलता प्रदान करता है।
उन्होंने कहा कि भगवान आदिनाथ ने भी विनय को धर्म का मूल आधार माना है।डॉ. मुनि ने कहा कि अहंकार मनुष्य के पतन का प्रमुख कारण है। अहंकारी व्यक्ति जहां समाज में अनादर का पात्र बनता है, वहीं विनम्र व्यक्ति सभी का सम्मान और विश्वास प्राप्त करता है।
माता-पिता और गुरु को भारतीय संस्कृति में तीर्थ के समान बताते हुए उन्होंने उनके प्रति सदैव विनय भाव रखने का आह्वान किया।उन्होंने कहा कि जीवन में कितनी भी विकट परिस्थिति क्यों न आए, विनम्रता और शांत भाव से उसका समाधान निकाला जा सकता है।
विनय से विद्या की प्राप्ति होती है और विद्या के माध्यम से व्यक्ति परिवार, समाज और संघ में प्रतिष्ठा प्राप्त करता है।प्रवर्तक डॉ. राजेन्द्र मुनि ने भी धर्मसभा को संबोधित किया।
कार्यक्रम में दिल्ली व गोंडल से आए अतिथियों तथा तपस्वी अजय जी छाजेड़ का विशेष बहुमान किया गया। महा सती सोहनकुंवर महिला समिति ने महासाध्वी सोहनकुंवर जी के जीवन दर्शन पर आधारित प्रश्न मंच प्रतियोगिता आयोजित की।
जैन बहू मंडल डबोक, चंदनबाला महिला मंडल हिरणमगरी सेक्टर-3 एवं ब्राह्मी मंडलअहिंसा पुरी के श्राविकाओं का श्रावक संघ के द्वारा स्वागत-सत्कार भी किया गया।