मुख्य सामग्री पर जाएँ
गुरुवार, 24 सितंबर 2026 उदयपुर · 29°C
Udaipur News

11वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस पर जनजागरूकता का संदेश

आयुर्वेद स्वस्थ जीवन का आधार, जन-जन तक पहुंचे इसका संदेश

मुख्य बिंदु
  • 11वां राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस बुधवार को आलोक संस्थान, सेक्टर-11, उदयपुर स्थित आचार्य श्यामलाल कुमावत सभागार में गरिमापूर्ण वातावरण में मनाया गया।
  • इस अवसर पर ‘स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद’ विषय पर कार्यक्रम आयोजित कर आयुर्वेद को स्वस्थ जीवनशैली का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए इसके सिद्धांतों को जन-जन तक पहुंचाने का संदेश दिया गया।
  • कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संत गुलाब दास महाराज रहे।
  • अध्यक्षता आलोक संस्थान उदयपुर के निदेशक डॉ.
  • इस अवसर पर आयुर्वेद विभाग उदयपुर संभाग के अतिरिक्त निदेशक डॉ.
  • रमेश चंद बैरवा, उपनिदेशक डॉ.
WAf𝕏TGin🖨
11वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस पर जनजागरूकता का संदेश

उदयपुर। 11वां राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस बुधवार को आलोक संस्थान, सेक्टर-11, उदयपुर स्थित आचार्य श्यामलाल कुमावत सभागार में गरिमापूर्ण वातावरण में मनाया गया।

इस अवसर पर ‘स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद’ विषय पर कार्यक्रम आयोजित कर आयुर्वेद को स्वस्थ जीवनशैली का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए इसके सिद्धांतों को जन-जन तक पहुंचाने का संदेश दिया गया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संत गुलाब दास महाराज रहे।

अध्यक्षता आलोक संस्थान उदयपुर के निदेशक डॉ. प्रदीप कुमावत ने की।

इस अवसर पर आयुर्वेद विभाग उदयपुर संभाग के अतिरिक्त निदेशक डॉ. रमेश चंद बैरवा, उपनिदेशक डॉ. राजीव भट्ट, सहायक निदेशक डॉ. भानु कुमार जैन तथा सहायक निदेशक डॉ. राकेश सोलंकी चिकित्सक संघ के अध्यक्ष डॉ विष्णु बंसीवाल आलोक स्कूल से मनमोहन भटनागर सहित आयुर्वेद विभाग के अधिकारी, चिकित्सक नर्स कंपाउंडर एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संत गुलाब दास महाराज ने कहा कि आयुर्वेद भारत की प्राचीन चिकित्सा परंपरा होने के साथ-साथ स्वस्थ जीवन जीने की एक समग्र पद्धति है।

आयुर्वेद में रोगों के उपचार के साथ रोगों से बचाव और स्वास्थ्य संरक्षण पर भी विशेष जोर दिया गया है। वर्तमान समय में बदलती जीवनशैली के कारण लोगों को अपने खान-पान, दिनचर्या और स्वास्थ्य के प्रति अधिक जागरूक होने की आवश्यकता है।

अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. प्रदीप कुमावत ने कहा कि आयुर्वेद के ज्ञान और जीवनशैली संबंधी सिद्धांतों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना समय की आवश्यकता है।

स्वस्थ समाज के निर्माण में आयुर्वेद की महत्वपूर्ण भूमिका है और इसके लिए जनजागरूकता कार्यक्रमों को निरंतर बढ़ावा दिया जाना चाहिए।कार्यक्रम संयोजक डॉ. शोभालाल औदिच्य ने कहा कि राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस का उद्देश्य आयुर्वेद के प्रति आमजन में जागरूकता पैदा करना और स्वस्थ जीवन के लिए आयुर्वेदिक जीवनशैली को प्रोत्साहित करना है।

उन्होंने कहा कि संतुलित आहार, उचित दिनचर्या, ऋतु के अनुसार जीवनशैली तथा प्राकृतिक जीवन पद्धति को अपनाकर व्यक्ति अपने स्वास्थ्य की बेहतर देखभाल कर सकता है।डॉ. राजीव भट्ट का विशेष सम्मानकार्यक्रम के दौरान आयुर्वेद विभाग में कुशल प्रशासनिक कार्यों तथा चिकित्सा सेवाओं में उल्लेखनीय योगदान के लिए उपनिदेशक डॉ. राजीव भट्ट का विशेष सम्मान किया गया।

उनके द्वारा विभागीय कार्यों के कुशल संचालन, प्रशासनिक समन्वय तथा चिकित्सा सेवाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में किए जा रहे कार्यों की सराहना की गई।

उपस्थित अतिथियों ने उनके योगदान की प्रशंसा करते हुए उन्हें सम्मानित किया।जिला स्तरीय पुरस्कार के लिए कार्मिकों का चयनराष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के अवसर पर जिला स्तरीय पुरस्कार प्रदान किए जाने के लिए समिति द्वारा विभिन्न संवर्गों से कार्मिकों के नाम निर्धारित किए गए।

चिकित्सकीय संवर्ग में डॉ. सोहन लाल मेघवाल, वरिष्ठ आयुर्वेद चिकित्सक ग्रेड-1, राजकीय आयुर्वेद औषधालय बंबोरा, उदयपुर; डॉ. महेश कुमार शर्मा, वरिष्ठ आयुर्वेद चिकित्सक ग्रेड-1, राजआयुष्मान आरोग्य मंदिर शिशवी, उदयपुर; डॉ. जीत पटेल, आयुर्वेद चिकित्सक, राजआयुष्मान आरोग्य मंदिर राजपुरा आयड़ चिकित्सालय, उदयपुर तथा डॉ. संदीप रमन, आयुर्वेद चिकित्सक, राजकीय आयुर्वेद चिकित्सालय आयड़, उदयपुर के नाम शामिल हैं।नर्सिंग संवर्ग में हुरजी भील, वरिष्ठ कम्पाउंडर, राजकीय आयुर्वेद औषधालय बड़गांव, उदयपुर तथा लोकेश कुमार रैगर, वरिष्ठ कम्पाउंडर, राजआयुष्मान आरोग्य मंदिर कुराबड़, उदयपुर का चयन किया गया।मंत्रालयिक संवर्ग में रचना पालीवाल, सहायक लेखाधिकारी ग्रेड-11, कार्यालय उपनिदेशक आयुर्वेद विभाग उदयपुर; मोहम्मद आसीफ, सहायक प्रशासनिक अधिकारी, कार्यालय उपनिदेशक आयुर्वेद विभाग उदयपुर तथा रामदेव सिंह चुंडावत, वरिष्ठ सहायक, कार्यालय उपनिदेशक आयुर्वेद विभाग उदयपुर को जिला स्तरीय पुरस्कार के लिए चयनित किया गया।

चतुर्थ श्रेणी संवर्ग में रविन्द्र सिंह सोलंकी, परिचारक, राजआयुष्मान आरोग्य मंदिर कानोड़, उदयपुर तथा हेमन्त गोरखा, परिचारक, राजकीय आयुर्वेद औषधालय सुन्दरवास, उदयपुर का चयन किया गया।भामाशाहों एवं सहयोगी संस्थाओं का सम्मानकार्यक्रम में आयुर्वेद विभाग की जनकल्याणकारी गतिविधियों में सहयोग प्रदान करने वाले भामाशाहों एवं सहयोगी संस्थाओं का सम्मान किया गया।

इस अवसर पर दिलीप जैसानी वी हर्बल फार्मा उदयपुर एवं डी के जैन रसराज आयुर्वेदिक फार्मेसी उदयपुर को आयुर्वेद विभाग के कार्यों में सहयोग के लिए सम्मानित किया गया।अंत में उपस्थित अतिथियों, अधिकारियों, चिकित्सकों, भामाशाहों एवं गणमान्य नागरिकों का आभार व्यक्त किया गया।

कार्यक्रम ने ‘स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद’ के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प मजबूत किया।