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एएमबी कंसल्टिंग द्वारा आरएनटी मेडिकल कॉलेज में पल्स (पीयूएलएसई) कार्यशाला का आयोजन

नए मेडिकल छात्रों के लिए अनोखी ओरिएंटेशन- जो डॉक्टर बनाने से पहले इंसान बनाती है

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एएमबी कंसल्टिंग द्वारा आरएनटी मेडिकल कॉलेज में पल्स (पीयूएलएसई) कार्यशाला का आयोजन

उदयपुर। रवींद्रनाथ टैगोर मेडिकल कॉलेज (आरएनटी) में इस वर्ष के नए एमबीबीएस छात्रों के लिए एक विशेष पाँच दिवसीय कार्यशाला पल्स (पीयूएलएसई) का आयोजन किया जा रहा है।

यह कार्यक्रम जिले की प्रतिष्ठित प्रशिक्षण एवं विकास संस्था एएमबी कंसल्टिंग द्वारा संचालित किया जा रहा है, जिसकी संस्थापक डॉ. अमृता बोकड़िया हैं।

इस कार्यशाला में लगभग 150 नए छात्र-छात्राएँ सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं।एएमबी कंसल्टिंग राजस्थान की एक प्रतिष्ठित प्रशिक्षण एवं व्यक्तित्व विकास संस्था है।

डॉ. अमृता बोकड़िया ने अमेरिका में 10 वर्षों तक कार्य किया है और वहाँ के प्रमुख स्वास्थ्य संस्थानों में स्टाफ प्रशिक्षण का व्यापक अनुभव रखती हैं।

वे पिछले 7 वर्षों से उदयपुर एवं राजस्थान के विभिन्न कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, कॉर्पाेरेट संस्थानों और स्कूलों में सफलतापूर्वक प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित कर रही हैं।

अब तक 10,000 से अधिक छात्रों एवं पेशेवरों के जीवन को सकारात्मक रूप से प्रभावित कर चुकी हैं।पल्स (पीयूएलएसई) क्या है?पल्स एक अनूठा ओरिएंटेशन प्रोग्राम है जो मेडिकल छात्रों को केवल पाठ्यक्रम की तैयारी नहीं कराता, बल्कि उन्हें एक संपूर्ण व्यक्तित्व के रूप में तैयार करता है।

पल्स (पीयूएलएसई) का पूरा अर्थ है पी- पर्सनेलिटी (व्यक्तित्व), यू- अंडरस्टैंडिंग (समझ), एल- लीडरशिप (नेतृत्व), एस- स्किल्स (कौशल), ई- एम्पेथी (सहानुभूति)।

कार्यशाला में पाँच दिनों में हर दिन एक विषय पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।

छात्र इंटरैक्टिव गतिविधियों, समूह चर्चाओं, रोलप्ले और अनुभव आधारित शिक्षण के माध्यम से संचार कौशल, नेतृत्व क्षमता, मूल्य आधारित निर्णय लेने की कला और रोगी के प्रति सहानुभूति विकसित कर रहे हैं।

कार्यशाला के अंतिम दिन सभी 150 छात्र-छात्राएँ एकजुट होकर शपथ ग्रहण करेंगे की मैं सिर्फ एक डॉक्टर नहीं बनूँगा। मैं एक हीलर बनूँगा।

मैं पहले सुनूँगा, बाद में बोलूँगा। मैं टीम के साथ काम करूँगा, अकेले नहीं।

मैं अपनी संवाद-क्षमता को अपना स्टेथोस्कोप मानूँगा।

और जब मैं थका हुआ होऊँगा, तब भी -मैं याद रखूँगा कि सामने एक इंसान है, सिर्फ एक मरीज़ नहीं।आरएनटी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राहुल जैन ने बताया कि एक अच्छा डॉक्टर वही होता है जो न केवल बीमारी को पहचाने, बल्कि मरीज़ को एक इंसान की तरह देखे।

कार्यशाला हमारे नए छात्रों को उनकी मेडिकल यात्रा की शुरुआत में वो नींव दे रही है जो पाठ्यपुस्तकों में नहीं मिलती। उन्हांेंने एएमबी कंसल्टिंग के इस अनूठे प्रयास की हृदय से सराहना की।