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Udaipur News

60 बसंत वरिष्ठ नागरिक परिषद’ का तीन दिवसीय कोटा-बूंदी भ्रमण संपन्न

धार्मिक आस्था, ऐतिहासिक विरासत, प्राकृतिक सौंदर्य और आत्मीयता से यादगार बनी यात्रा

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60 बसंत वरिष्ठ नागरिक परिषद’ का तीन दिवसीय कोटा-बूंदी भ्रमण संपन्न

उदयपुर। ‘60 बसंत वरिष्ठ नागरिक परिषद, उदयपुर’ के तत्वावधान में 31 अक्टूबर से 2 नवंबर 2026 तक तीन दिवसीय कोटा-बूंदी भ्रमण आयोजित किया गया। मीडिया प्रभारी प्रोफेसर विमल शर्मा ने बताया कि 63 से 82 वर्ष आयु वर्ग के वरिष्ठ महिला-पुरुष सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर यात्रा को आनंद, आत्मीयता और सौहार्द से यादगार बना दिया।

यात्रा का शुभारंभ 31 अक्टूबर को प्रातः 5:30 बजे उदयपुर से हुआ। मार्ग में मेनाल वॉटरफॉल एवं प्राचीन मंदिरों के दर्शन के बाद जोगणिया माता मंदिर में श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। कोटा पहुंचकर शाम को चंबल रिवर फ्रंट की भव्यता, आकर्षक स्थापत्य और रोशनी का आनंद लिया। रात्रि 7:30 बजे सभी सदस्यों ने चंबल मैया की आरती में श्रद्धापूर्वक भाग लिया, जो यात्रा का विशेष आध्यात्मिक आकर्षण रहा।

दूसरे दिन त्रिकूटा माता मंदिर के दर्शन के बाद सदस्यों ने प्रसिद्ध कोटा डोरिया की खरीदारी की। इसके पश्चात सेवन वंडर्स पार्क और विशाल सिटी पार्क (ऑक्सीजन पार्क) का भ्रमण किया। हरियाली और प्राकृतिक वातावरण ने सभी को विशेष आनंद प्रदान किया।

तीसरे दिन कोटा से बूंदी जाते हुए अभेड़ा महल का भ्रमण किया गया। झील में खिले कमल, पक्षियों और प्राकृतिक सौंदर्य ने सभी को आकर्षित किया। इसके बाद बूंदी दुर्ग की ऐतिहासिक स्थापत्य कला, भित्तिचित्रों और सांस्कृतिक विरासत का अवलोकन किया गया। दोपहर के भोजन के बाद दल उदयपुर के लिए रवाना हुआ।

वापसी यात्रा में बस में अंताक्षरी, भजन और गीत-संगीत का दौर चला। विशेष रूप से महिलाओं का उत्साह देखते ही बना। यात्रा के आरंभ में जहां अधिकांश महिलाएं अपने जीवनसाथी के साथ बैठना पसंद कर रही थीं, वहीं वापसी में वे स्वतः बस की पिछली सीटों पर एकत्र होकर भजन-गीत गाने लगीं। यह दृश्य सदस्यों के बीच बढ़ती आत्मीयता और मित्रता का सुंदर उदाहरण बना।

अध्यक्ष महेंद्र कुमार मेहता ने बताया कि यात्रा के दौरान अशोक कुमार जैन एवं ओम प्रकाश सिरोया का प्रबंधन अत्यंत सराहनीय रहा। लक्ष्मी लाल पुष्करणा ने डिजिटल मार्गदर्शन एवं कोटा गाइड के रूप में महत्वपूर्ण सहयोग दिया। सभी ने बिछोर के प्रसिद्ध गुलाब जामुन और कोटा की कचौरी का भी आनंद लिया।

उन्होंने कहा कि इस यात्रा में सदस्यों के बीच सहयोग, अपनत्व और सकारात्मक जीवन-दृष्टि की सुंदर मिसाल देखने को मिली। यह भ्रमण केवल पर्यटन नहीं, बल्कि मित्रता, उल्लास और जीवन को उत्सव की तरह जीने का अवसर बना।