मुख्य सामग्री पर जाएँ
गुरुवार, 17 सितंबर 2026 उदयपुर · 29°C
Business News

मत्स्य पालकों के लिए ‘एक्वा उद्यमी’ ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित

65 प्रतिभागियों ने लिया भाग, आधुनिक मत्स्य पालन और उद्यमिता के अवसरों पर चर्चा

मुख्य बिंदु
  • उदयपुर, राष्ट्रीय कृषि विकास प्रबंध संस्थान (MANAGE), हैदराबाद एवं मत्स्य विभाग, राजस्थान सरकार के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को मत्स्य विभाग, उदयपुर में ‘एक्वा उद्यमी’ ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया।
  • कार्यक्रम का उद्देश्य मत्स्य पालकों एवं एक्वाप्रेन्योर्स को व्यावसायिक रूप से सशक्त बनाना और मत्स्य पालन क्षेत्र में उपलब्ध उद्यमिता के नए अवसरों से अवगत कराना था।
  • कार्यक्रम का आयोजन राज्य मत्स्य अनुसंधान, प्रशिक्षण एवं विस्तार कार्यालय, उदयपुर के सहयोग से किया गया।
  • कार्यक्रम में मत्स्य किसान, मत्स्य ठेकेदार, मत्स्य सहकारी समितियों के सदस्य, विभागीय अधिकारी एवं विषय विशेषज्ञ शामिल हुए।
  • इस अवसर पर विभाग के पूर्व उप निदेशक अरुण पुरोहित एवं संयुक्त निदेशक डॉ.
  • अकील अहमद सहित अन्य अधिकारी एवं विशेषज्ञ उपस्थित रहे।
WAf𝕏TGin🖨
मत्स्य पालकों के लिए ‘एक्वा उद्यमी’ ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित
1 / 2


उदयपुर,  राष्ट्रीय कृषि विकास प्रबंध संस्थान (MANAGE), हैदराबाद एवं मत्स्य विभाग, राजस्थान सरकार के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को मत्स्य विभाग, उदयपुर में ‘एक्वा उद्यमी’ ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य मत्स्य पालकों एवं एक्वाप्रेन्योर्स को व्यावसायिक रूप से सशक्त बनाना और मत्स्य पालन क्षेत्र में उपलब्ध उद्यमिता के नए अवसरों से अवगत कराना था। कार्यक्रम का आयोजन राज्य मत्स्य अनुसंधान, प्रशिक्षण एवं विस्तार कार्यालय, उदयपुर के सहयोग से किया गया।

कार्यक्रम में मत्स्य किसान, मत्स्य ठेकेदार, मत्स्य सहकारी समितियों के सदस्य, विभागीय अधिकारी एवं विषय विशेषज्ञ शामिल हुए। इस अवसर पर विभाग के पूर्व उप निदेशक अरुण पुरोहित एवं संयुक्त निदेशक डॉ. अकील अहमद सहित अन्य अधिकारी एवं विशेषज्ञ उपस्थित रहे।

अंतर्देशीय मत्स्यिकी में उद्यमिता पर जोर

कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में मत्स्य विभाग, राजस्थान सरकार की निदेशक श्रीमती संचिता बिश्नोई ने अंतर्देशीय मत्स्यिकी में उद्यमिता के बढ़ते महत्व और उपलब्ध नए अवसरों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि राजस्थान में लगभग 4.30 लाख हेक्टेयर जलक्षेत्र मत्स्य पालन के लिए उपलब्ध है। उन्होंने केज कल्चर, झींगा पालन, सघन मछली पालन और पर्याप्त मत्स्य बीज उत्पादन के माध्यम से मछली उत्पादन बढ़ाने एवं रोजगार के अवसर सृजित करने की आवश्यकता बताई।

उन्होंने कहा कि मत्स्य पालक प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना सहित भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेकर अपने व्यवसाय को आगे बढ़ा सकते हैं।

योजनाओं और वित्तीय सहायता की दी जानकारी

संयुक्त निदेशक डॉ. अनिल कुमार जोशी ने विभागीय योजनाओं, संस्थागत सहयोग एवं उपलब्ध वित्तीय सहायता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने नए उद्यमियों को योजनाओं का लाभ लेकर मत्स्य पालन को व्यवसाय के रूप में विकसित करने के लिए प्रेरित किया।

कॉलेज ऑफ फिशरीज, उदयपुर के पूर्व डीन डॉ. एल.एल. शर्मा, डॉ. सुबोध कुमार शर्मा एवं एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. एम.एल. ओझा ने राजस्थान में मत्स्य पालन की चुनौतियों, आधुनिक जलकृषि पद्धतियों तथा उत्पादन एवं गुणवत्ता बढ़ाने की उन्नत तकनीकों पर जानकारी साझा की।

केज कल्चर और जनजातीय मछुआरों के कल्याण पर चर्चा

सहायक मत्स्य विकास अधिकारी शुभम वाष्र्णेय एवं डॉ. रवि कुमार पटेल ने आदिवासी मछुआरों के कल्याण के लिए संचालित धरती आभा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान तथा केज कल्चर मछली पालन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी।

क्षेत्र के प्रगतिशील एवं नवोन्मेषी मत्स्य पालक आनंद पूर्बिया, अभिमन्यु सिंह चौहान, कैलाश खोईवाल एवं औवेस बर्नी ने अपने अनुभव और सफलताओं को प्रतिभागियों के साथ साझा किया। उन्होंने नए प्रतिभागियों को आधुनिक तकनीकों को अपनाकर मत्स्य पालन में बेहतर अवसर तलाशने के लिए प्रेरित किया।

65 प्रतिभागियों को वितरित किए प्रमाण पत्र

MANAGE, हैदराबाद के कार्यक्रम समन्वयक श्री महिपाल सिंह ने अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम के उद्देश्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में 65 प्रतिभागियों ने भाग लिया

कार्यक्रम के समापन पर अतिथियों द्वारा सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। उप निदेशक (मत्स्य विस्तार) डॉ. दीपिका पालीवाल ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन सहायक मत्स्य विकास अधिकारी डॉ. शीतल नरुका ने किया।