उदयपुर। एचडीएफसी बैंक की प्रिंसिपल इकोनॉमिस्ट साक्षी गुप्ता ने अगले कुछ महीनों में सेंट्रल बैंक द्वारा 50-75 बीपीएस तक की रेपो रेट में और वृद्धि की संभावना जताई है।
आरबीआई की मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी (एमपीसी) की बैठक में लिये गये फैसलों पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुऐ साक्षी गुप्ता ने कहा कि, हमें उम्मीद है कि अगले कुछ महीनों में सेंट्रल बैंक कुल मिलाकर 50-75बीपीएस तक रेट बढ़ाएगा।
ज़्यादा एग्रेसिव रेट बढ़ोतरी साइकिल का रिस्क इस बात पर निर्भर करता है कि मौजूदा वेस्ट एशिया संघर्ष और तेल की कीमतों में बढ़ोतरी लंबे समय तक जारी रहती है या नहीं।
हमें उम्मीद है कि वित्तीय वर्ष 27 में महंगाई एवरेज 5.4 प्रतिशत रहेगी और मौजूदा तिमाही में 6.3 प्रतिशत रहने की उम्मीद है। ग्रोथ के मामले में, हम वित्तीय वर्ष 27 में 7.1 प्रतिशत ग्रोथ की अपनी उम्मीदों पर कायम हैं।
लिक्विडिटी के मामले में, जैसा कि हमने उम्मीद की थी,आरबीआई ने कोई भी नया कदम उठाने से परहेज किया और हमें उम्मीद है कि सेंट्रल बैंक आने वाले हफ्तों में एक्स्ट्रा लिक्विडिटी सरप्लस को कम करने के लिए सेल/बाय स्वैप, वीआरआरआर (VRRR) और अगर ज़रूरत पड़ी तो ओएमओ (OMO) जारी रखेगा। इसके अलावा, जैसे-जैसे हम त्योहारों के मौसम में आगे बढ़ेंगे, सर्कुलेशन में ज़्यादा करेंसी से भी लिक्विडिटी बैलेंस कम होने की संभावना है।
बॉन्ड मार्केट में, रेट बढ़ने और लिक्विडिटी की स्थिति नॉर्मल होने से शॉर्ट टर्म रेट बढ़ने से कर्व के फ्लैट होने की उम्मीद है।
आरबीआई ने बड़े ग्लोबल सेंट्रल बैंकों के साथ मिलकर रेट बढ़ाने का अपना साइकिल शुरू किया। यह फैसला घरेलू महंगाई के बढ़ते रिस्क के बाद लिया गया, जबकि ग्रोथ की रफ़्तार मज़बूत बनी हुई है।
सोच-समझकर सख्ती करने के रुख में बदलाव यह इशारा करता है कि आज की रेट बढ़ोतरी रेट बढ़ाने के साइकिल की शुरुआत है, न कि एक बार का कदम।
वित्तीय वर्ष 27 के लिए आरबीआई का टोन और रिवाइज़्ड मैक्रो फोरकास्ट हॉकिश साइड की ओर झुका हुआ था, जिसमें ग्रोथ फोरकास्ट को 40बीपीएस बढ़ाकर 7.1 प्रतिशत और महंगाई को 5.2 प्रतिशत तक रिवाइज़ किया गया था।
