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सुरक्षित एवं जीवंत सीमावर्ती गांवों के लिए नागरिक-सैन्य समन्वय को सुदृढ़ करना

बीकानेर मिलिट्री स्टेशन द्वारा 31 अक्टूबर 2026 को राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों के पूर्व सैनिकों के लिए वाइब्रेंट विलेज सेमिनार का आयोजन किया गया। इस सेमिनार का उद्देश्य नागरिक-सैन्य समन्वय को सुदृढ़ करना, विभिन्न एजें

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सुरक्षित एवं जीवंत सीमावर्ती गांवों के लिए नागरिक-सैन्य समन्वय को सुदृढ़ करना

          बीकानेर मिलिट्री स्टेशन द्वारा 31 अक्टूबर 2026 को राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों के पूर्व सैनिकों के लिए वाइब्रेंट विलेज सेमिनार का आयोजन किया गया। इस सेमिनार का उद्देश्य नागरिक-सैन्य समन्वय को सुदृढ़ करना, विभिन्न एजेंसियों के बीच सहयोग बढ़ाना तथा पूर्व सैनिकों के कल्याण को प्रोत्साहित करना था। साथ ही, सीमावर्ती समुदायों की सुरक्षा एवं सामाजिक-आर्थिक विकास में पूर्व सैनिकों के अनुभव और उनके बहुमूल्य योगदान का लाभ उठाना भी इसका प्रमुख उद्देश्य रहा। बीकानेर जिले के अधिकारियों ने व्यक्तिगत रूप से भाग लिया, जबकि अन्य सीमावर्ती जिलों के प्रतिनिधियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सहभागिता की।

          सेमिनार में भारतीय सेना, नागरिक प्रशासन एवं सुरक्षा एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने एक साझा मंच पर भाग लिया, जिससे सार्थक संवाद, समन्वित योजना एवं सामूहिक कार्रवाई को बढ़ावा मिला। इस अवसर पर पूर्व सैनिकों के कल्याण, सरकारी योजनाओं तक पहुंच, ग्रामीण विकास तथा सीमावर्ती समुदायों के समग्र कल्याण से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की गई। ग्रामीण विकास विभाग ने विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं ग्रामीण विकास पहलों की जानकारी दी। इसमें सीमावर्ती गांवों में आधारभूत संरचना, आजीविका, रोजगार के अवसरों तथा कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से विकास की संभावनाओं पर प्रकाश डाला गया।

          सीमा सुरक्षा बल ने अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा के संबंध में प्रतिभागियों को जागरूक किया। इसमें विशेष रूप से ड्रोन का पता लगाने, निगरानी, पहचान तथा संदिग्ध हवाई गतिविधियों की समय पर सूचना देने पर जोर दिया गया। एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने सीमा पार मादक पदार्थों की तस्करी से उत्पन्न चुनौतियों, तस्करी के उभरते तरीकों तथा निवारक उपायों पर प्रकाश डाला। ड्रोन के माध्यम से मादक पदार्थों की तस्करी को रोकने के लिए सामुदायिक सतर्कता, समय पर सूचना साझा करने तथा सुरक्षा एजेंसियों एवं नागरिक प्रशासन के बीच समन्वित कार्रवाई की आवश्यकता पर विशेष बल दिया गया।

          इस सेमिनार ने पूर्व सैनिकों के कल्याण, सशक्तिकरण एवं राष्ट्र निर्माण में उनकी निरंतर सहभागिता के प्रति भारतीय सेना की अटूट प्रतिबद्धता को पुनः रेखांकित किया। पूर्व सैनिकों, नागरिक प्रशासन, BSF, पुलिस एवं अन्य हितधारकों को एक मंच पर लाकर इस पहल ने सीमा प्रबंधन, ग्रामीण विकास एवं सामाजिक सुरक्षा के लिए संपूर्ण समुदाय आधारित दृष्टिकोण को प्रोत्साहित किया। पूर्व सैनिकों की सक्रिय भागीदारी ने सशस्त्र बलों एवं नागरिक समाज के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में उनकी अमूल्य भूमिका को उजागर किया, जो सुरक्षित, समृद्ध एवं सशक्त सीमावर्ती गांवों के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।