उदयपुर। गीतांजलि इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्निकल स्टडीज़ (गिट्स ), डबोक, उदयपुर के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन करते हुए आईआईटी (बीएचयू), वाराणसी में आयोजित तकनीकी प्रतियोगिता ‘सिविलाथॉन’ में निर्माण सामग्री एवं संरचना श्रेणी में प्रथम स्थान प्राप्त किया।
संस्थान के निदेशक डॉ. एस. एम. प्रसन्ना कुमार ने बताया कि ‘सिविलाथॉन’ एक प्रकार की प्रतियोगिता है जो आई आई टी (बीएचयू) द्वारा सिविल इंजीनियरिंग के विभाग द्वारा आयोजित की जाती है जिसमे सिविल इंजीनियरिंग के विद्यार्थी अपने अपने इनोवेशन का परिचय देते हैं।
वर्तमान समय में तकनीकी शिक्षा का उद्देश्य केवल सैद्धांतिक ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में नवाचार, व्यावहारिक कौशल और वास्तविक समस्याओं के समाधान की क्षमता विकसित करना भी है।
विद्यार्थियों ने सिविल निर्माण कार्यों से उत्पन्न अपशिष्ट पदार्थों का पुनर्चक्रण करके उन्हें नए निर्माण कार्यों में पुनः उपयोग लायक बनाया है।
जिसके माध्यम से सतत निर्माण पद्धतियों को बढ़ावा देना तथा पर्यावरण प्रदूषण को कम करके रिसोर्स को सुरक्षित करना है।
सिविल इंजीनियरिंग विभागाध्यक्ष डॉ. संगीता चौधरी के अनुसार निर्माण सामग्री एवं संरचना जैसे महत्वपूर्ण तकनीकी क्षेत्र में प्रथम स्थान प्राप्त करना विद्यार्थियों की विषयगत समझ, व्यावहारिक ज्ञान और निरंतर मेहनत का परिणाम है ।जिन्होंने देश भर से आये 100 टीमों में अपनी जगह बनाते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया ।
यह रिकंस्ट्रक्शन मटेरियल थीम बेस्ड प्रोजेक्ट असिस्टेंट प्रोफेसर आशुतोष पाण्डेय एवं ऐवंत चंडालिया के मार्ग दर्शन में विद्यार्थी पीयूष सुथार, मोनिस अहमद सिंधी एवं चिरायु मालवीय द्वारा बनाया गया है।
इस अवसर पर वित्त नियंत्रक श्री बी. एल. जांगिड़ ने कहा कि विद्यार्थियों की सफलता किसी भी शैक्षणिक संस्थान की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक होती है।विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण, परियोजना-आधारित अधिगम और राष्ट्रीय स्तर की तकनीकी प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। ‘सिविलाथॉन’ में मिली यह सफलता इसी प्रयास का एक महत्वपूर्ण परिणाम है।
