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ग्रामीण क्षेत्रों की 3 लाख महिलाओं तक डिजिटल भुगतान सुविधा पहुँचाने के लक्ष्य के साथ राजस्थान ग्रामीण बैंक, एनपीसीआई भीम और वुमेन्स वल्र्ड बैंकिंग की साझेदारी

- यह साझेदारी नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) और वुमेन्स वल्र्ड बैंकिंग (डब्ल्यूडब्ल्यूबी) द्वारा विकसित ‘यूपीआई फॉर हर’ कार्यक्रम से मिले अनुभवों पर आधारित। इस कार्यक्रम का उद्देश्य भारत में यूपीआई का इस्त

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ग्रामीण क्षेत्रों की 3 लाख महिलाओं तक डिजिटल भुगतान सुविधा पहुँचाने के लक्ष्य के साथ राजस्थान ग्रामीण बैंक, एनपीसीआई भीम और वुमेन्स वल्र्ड बैंकिंग की साझेदारी

- यह साझेदारी नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) और वुमेन्स वल्र्ड बैंकिंग (डब्ल्यूडब्ल्यूबी) द्वारा विकसित ‘यूपीआई फॉर हर’ कार्यक्रम से मिले अनुभवों पर आधारित। इस कार्यक्रम का उद्देश्य भारत में यूपीआई का इस्तेमाल करने की क्षमता रखने वाली 20 करोड़ महिलाओं के बीच इस डिजिटल भुगतान सुविधा के उपयोग को बढ़ावा देना है।

उदयपुर : राजस्थान ग्रामीण बैंक (आरजीबी), एनपीसीआई भीम और वुमेन्स वल्र्ड बैंकिंग ने राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के बीच डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की है।

इस साझेदारी के तहत भीम पेमेंट्स ऐप के माध्यम से एक वर्ष में तीन लाख महिलाओं तक पहुँचने का लक्ष्य रखा गया है। भारत के डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढाँचे और यूपीआई प्रणाली की सफलता से प्रेरित होकर यह पहल शुरू की गई है।

ग्रामीण इलाकों की महिलाओं को डिजिटल पेमेंट की सुविधा तो उपलब्ध है, लेकिन उन्हें इसका नियमित इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित करने की जरूरत है।

इस पहल का उद्देश्य इसी अंतर को कम करना है।

इस पहल की शुरुआत उदयपुर में की गई। इस अवसर पर राजस्थान ग्रामीण बैंक, एनपीसीआई भीम, वुमेन्स वल्र्ड बैंकिंग, सरकारी विभागों और इस क्षेत्र से जुड़ी संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद थे। कार्यक्रम में राजस्थान के ग्रामीण इलाकों की 100 से अधिक महिलाओं ने भी भाग लिया। ये महिलाएँ अपने रोज़मर्रा के वित्तीय लेन-देन के लिए भीम पेमेंट्स ऐप का सफलतापूर्वक इस्तेमाल कर रही हैं।

यह पहल ‘यूपीआई फॉर हर 2.0’ कार्यक्रम का हिस्सा है। एक शोध के अनुसार, भारत में लगभग 20 करोड़ महिलाओं के पास स्मार्टफोन और बैंक खाता है। उचित मार्गदर्शन, आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद और महिलाओं की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की गई सुविधाएँ उपलब्ध होने पर ये महिलाएँ यूपीआई का इस्तेमाल कर सकती हैं।

यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) के माध्यम से भारत ने दुनिया की सबसे सफल डिजिटल भुगतान प्रणालियों में से एक विकसित की है। इससे पैसे भेजना, प्राप्त करना और वित्तीय लेन-देन का प्रबंधन करना आसान हुआ है।

डिजिटल भुगतान का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। इसके बावजूद, ग्रामीण और सुविधाओं से वंचित क्षेत्रों की महिलाओं को अब भी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।

डिजिटल लेन-देन पर भरोसे की कमी, आत्मविश्वास का अभाव, पर्याप्त जानकारी न होना और इसके इस्तेमाल में आने वाली मुश्किलें इसकी प्रमुख वजहें हैं। इस साझेदारी के माध्यम से इन चुनौतियों को दूर करने का प्रयास किया जाएगा।

इसके लिए स्थानीय बैंकों के साथ विश्वासपूर्ण संबंधों, महिलाओं की जरूरतों के अनुसार तैयार की गई सुविधाओं, सामुदायिक भागीदारी और प्रत्यक्ष मार्गदर्शन का सहारा लिया जाएगा।

यह पहल ग्रामीण समुदायों के राजस्थान ग्रामीण बैंक पर भरोसे पर आधारित है। साथ ही, यह सुरक्षित और आसान डिजिटल भुगतान के लिए भीम पेमेंट्स ऐप पर उपयोगकर्ताओं के विश्वास पर भी आधारित है।

इस साझेदारी से जुड़ी संस्थाएँ मिलकर ऐसी रणनीतियाँ विकसित करेंगी और उन्हें लागू करेंगी, जिनसे महिलाएँ आत्मविश्वास के साथ डिजिटल भुगतान का इस्तेमाल शुरू कर सकें।

साथ ही, वे अपने रोज़मर्रा के वित्तीय लेन-देन में इसका नियमित रूप से उपयोग कर सकें। इस परियोजना से यह समझने में मदद मिलेगी कि ग्रामीण महिलाओं के बीच बड़े पैमाने पर डिजिटल भुगतान का इस्तेमाल कैसे बढ़ाया जा सकता है।

राजस्थान में इस पहल से मिलने वाले अनुभव राज्यभर में नीतियाँ और योजनाएँ बनाने में उपयोगी साबित होंगे। साथ ही, भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के देशव्यापी प्रयासों को भी इससे मदद मिलेगी।

एनपीसीआई भीम की प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी ललिथा नटराज ने कहा कि भारत में डिजिटल भुगतान क्रांति का पूरा लाभ उठाने के लिए महिलाओं को केवल इस बदलाव का हिस्सा बनने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें इसे आगे बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभानी चाहिए।

खासकर कम आय वाले परिवारों की महिलाओं के लिए यह बहुत जरूरी है। डिजिटल भुगतान से महिलाएँ अपने पैसों का बेहतर प्रबंधन कर सकती हैं।

वे विभिन्न सेवाओं का लाभ उठा सकती हैं और अपने तथा अपने परिवार के लिए अधिक सुरक्षित भविष्य बना सकती हैं। राजस्थान के ग्रामीण इलाकों की 100 से अधिक महिलाओं ने रोज़मर्रा के लेन-देन के लिए भीम पेमेंट्स ऐप का इस्तेमाल शुरू कर दिया है।

वे इस ऐप के फायदे भी अनुभव कर चुकी हैं। राजस्थान ग्रामीण बैंक और वुमेन्स वल्र्ड बैंकिंग के साथ साझेदारी में हम राज्य की अधिक से अधिक महिलाओं तक यह अवसर पहुँचाने के लिए काम कर रहे हैं।

इस दिशा में आगे बढ़ते हुए, हम एक समावेशी डिजिटल अर्थव्यवस्था के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमारा प्रयास है कि हर महिला को आगे बढऩे और प्रगति करने का अवसर मिले।

राजस्थान ग्रामीण बैंक के अध्यक्ष मुकेश भारतीय ने कहा कि क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों का ग्रामीण समुदायों के साथ विश्वास का एक अनूठा रिश्ता है। इस भरोसे के साथ भीम की डिजिटल सुविधाओं को जोडक़र हम महिलाओं को डिजिटल वित्तीय सेवाओं का इस्तेमाल शुरू करने में मदद कर सकते हैं। साथ ही, भारत के डिजिटल बुनियादी ढाँचे का लाभ हर गाँव और हर परिवार तक पहुँचाया जा सकता है।

वुमेन्स वल्र्ड बैंकिंग की दक्षिण एशिया प्रमुख कल्पना अजयन् ने कहा कि महिलाएँ डिजिटल वित्तीय सेवाओं का इस्तेमाल करेंगी या नहीं, यह तय करने में भरोसा सबसे अहम भूमिका निभाता है।

कई महिलाओं के लिए डिजिटल भुगतान केवल पैसों के लेन-देन का साधन नहीं है। यह औपचारिक वित्तीय व्यवस्था से जुडऩे की दिशा में उनका पहला कदम है।

इससे उन्हें मौसम में बदलाव या स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण पैदा होने वाले संकटों का सामना करने में भी मदद मिलती है। जब कोई महिला नियमित रूप से डिजिटल भुगतान का इस्तेमाल करने लगती है, तो उसके लिए दूसरी वित्तीय सेवाओं के रास्ते भी खुलते हैं।

इनमें बचत, कर्ज, बीमा और वित्तीय सुरक्षा से जुड़ी सेवाएँ शामिल हैं। राजस्थान ग्रामीण बैंक ने कई दशकों में जो भरोसा अर्जित किया है, उसे महिलाओं की जरूरतों के अनुसार तैयार की गई सुविधाओं और सामुदायिक सहयोग के साथ जोडक़र यह साझेदारी काम करेगी।

इससे राजस्थान की बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्था में हजारों महिलाओं को अधिक सक्रिय रूप से भाग लेने में मदद मिल सकती है।

इस पहल का उद्देश्य केवल महिलाओं को भीम पेमेंट्स ऐप का इस्तेमाल शुरू करवाना ही नहीं है। इसके तहत महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ाने, उन्हें नियमित रूप से डिजिटल भुगतान करने के लिए प्रोत्साहित करने और इसके लिए स्थानीय स्तर पर सहायता उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया जाएगा। इससे महिलाएँ इस सुविधा का लगातार इस्तेमाल कर सकेंगी।

इस पहल के शुभारंभ कार्यक्रम में डिजिटल सेवाओं का लाभ सभी तक कैसे पहुँचाया जाए, इस पर चर्चा हुई। भीम पेमेंट्स ऐप का इस्तेमाल कैसे करें, इसका प्रदर्शन भी किया गया। इस दौरान ऐप का इस्तेमाल करने वाली महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि डिजिटल भुगतान से उन्हें घर के खर्च का प्रबंधन करने, पैसे प्राप्त करने, समय बचाने और स्थानीय कारोबार में अधिक सक्रिय रूप से भाग लेने में कैसे मदद मिली है।

राजस्थान में डिजिटल सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। ऐसे में यह साझेदारी एक नई राह दिखाती है।

स्थानीय संस्थानों पर भरोसे, डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढाँचे और महिलाओं की जरूरतों को ध्यान में रखकर किए गए नए प्रयासों के जरिए डिजिटल भुगतान का लाभ अधिक से अधिक महिलाओं तक पहुँचाया जा सकता है।

इससे उन लाखों महिलाओं को भी डिजिटल भुगतान का इस्तेमाल करने का अवसर मिल सकता है, जो अब तक औपचारिक वित्तीय व्यवस्था की मुख्यधारा से दूर रही हैं।