नई दिल्ली । रेलवे सुरक्षा बल की निवर्तमान महानिदेशक सुश्री सोनाली मिश्रा के गौरवशाली कार्यकाल को सम्मानित करने के लिए शुक्रवार को रेलवे सुरक्षा विशेष बल की छठी बटालियन, दयाबस्ती में एक भव्य और भावुकतापूर्ण ‘‘निरीक्षण सह विदाई परेड’’ का आयोजन किया गया।
यह आयोजन इस सुरक्षा बल के लिए एक ऐतिहासिक क्षण रहा, क्योंकि बल ने अपनी पहली महिला महानिदेशक को विदाई दी, जो 31 अक्टूबर 2026 को सेवानिवृत्त हो रही हैं।यह औपचारिक परेड बल के जवानों के लिए अपनी आदरणीय महानिदेशक के समक्ष अनुशासन, समर्पण और बल की अटूट भावना के सर्वोच्च मानकों को प्रदर्शित करने का एक गौरवपूर्ण मंच थी।
विभिन्न संरचनाओं की टुकड़ियों ने अत्यंत सटीक मार्च-पास्ट किया और सुश्री मिश्रा के अग्रणी नेतृत्व को शानदार सलामी दी। जैसे ही निरीक्षण वाहन धीरे-धीरे प्रत्येक दस्ते (प्लाटून) के सामने से गुजरा, सैन्य बैंड की सुमधुर धुनें पूरे आयोजन स्थल पर गूंज उठीं।
सुश्री मिश्रा ने प्रत्येक जवान की उत्कृष्ट सज-धज, अनुशासन और उनकी आंखों में झलकते आत्मविश्वास का बारीकी से अवलोकन किया।सुश्री मिश्रा के कार्यकाल की उपलब्धियों को याद करते हुए, इस कार्यक्रम में 1 अगस्त 2025 को महानिदेशक का पदभार ग्रहण करने के बाद से उनके महत्वपूर्ण योगदानों पर प्रकाश डाला गया।
उनके नेतृत्व में, बल के आधुनिकीकरण, प्रौद्योगिकी आधारित सुरक्षा प्रणालियों और कर्मियों की व्यावसायिक क्षमता को बढ़ाने पर विशेष बल दिया गया, साथ ही यात्रियों और रेलवे नेटवर्क को प्रभावित करने वाले अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए विशेष उपाय किए गए।मध्य प्रदेश कैडर के 1993 बैच की वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी सुश्री मिश्रा का लोक सेवा में तीन दशकों से अधिक का विशिष्ट करियर रहा है।
मध्य प्रदेश में अपनी सेवा के दौरान, उन्होंने जबलपुर, सीहोर और इंदौर सहित विभिन्न जिलों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं, बाद में नीमच और रायसेन में पुलिस अधीक्षक के रूप में तथा जबलपुर रेंज के लिए पुलिस महानिरीक्षक के रूप में अपनी सेवाएं दीं।
उनका व्यापक अनुभव अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी रहा है, उन्होंने वर्ष 2003-2004 के दौरान कोसोवो में संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना मिशन में अपनी सेवाएं दीं, जहाँ उन्होंने वैश्विक पुलिसिंग और सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण अनुभव प्राप्त किया।
इसके अतिरिक्त, उन्होंने सीमा सुरक्षा बल में कश्मीर और पंजाब फ्रंटियर्स पर महानिरीक्षक के रूप में विशिष्टता के साथ कार्य किया, बीएसएफ मुख्यालय (पश्चिमी कमान) में खुफिया और प्रशिक्षण विभागों को संभाला, और टेकनपुर स्थित बीएसएफ अकादमी के निदेशक के रूप में भी अपनी सेवाएं दीं।इस अवसर पर बोलते हुए, सुश्री सोनाली मिश्रा ने भारतीय रेलवे नेटवर्क को चौबीसों घंटे सुरक्षित रखने की उनकी अथक प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए पूरे बल के प्रति अपनी गहरी-तज्ञता व्यक्त की।
उन्होंने कहा कि आज का यह निरीक्षण केवल वर्दी और परेड अभ्यासों का मूल्यांकन नहीं था, बल्कि एक कमांडर और उनके बल के बीच गहरे आपसी विश्वास का प्रमाण थाकृजो एक ऐसे सफर के भावुक समापन को दर्शाता है जो दशकों पहले खाकी के गौरव और वर्दी के सम्मान के साथ शुरू हुआ था।
इस ऐतिहासिक विदाई का साक्षी बनने के लिए रेल मंत्रालय, आरपीएफ और आरपीएसएफ के वरिष्ठ अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित रहे।
