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Udaipur News

अग्निशमन एवं सुरक्षा पर मासिक प्रौद्योगिकी व्याख्यानमाला आयोजित

उदयपुर। विज्ञान समिति, डॉ. डी.एस. कोठारी संस्थान एवं महावीर इंटरनेशनल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 20वीं मासिक प्रौद्योगिकी

उदयपुर। विज्ञान समिति, डॉ. डी. एस.

मुख्य बिंदु
  • कोठारी संस्थान एवं महावीर इंटरनेशनल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 20वीं मासिक प्रौद्योगिकी व्याख्यानमाला के अंतर्गत मंगलवार को “अग्निशमन एवं सुरक्षा” विषय पर व्याख्यान आयोजित किया गया।
  • कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रणय जानी, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, रेलबेल प्रोटेक्शन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड थे।
  • उन्होंने अपने व्याख्यान में आग लगने के प्रमुख कारणों, आग से बचाव, अग्निशमन के उपायों तथा दैनिक जीवन में अपनाई जाने वाली सुरक्षा-सावधानियों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
  • उन्होंने बताया कि आग के त्रिकोण में ईंधन, ऑक्सीजन और तापमान तीनों तत्व महत्वपूर्ण होते हैं।
  • इनमें से किसी एक तत्व को नियंत्रित करके आग पर काबू पाया जा सकता है।
  • उन्होंने विभिन्न प्रकार की आग, उपयुक्त अग्निशामक यंत्रों के प्रयोग, विद्युत उपकरणों से होने वाली आग की रोकथाम तथा आपात स्थिति में सुरक्षित निकासी के संबंध में भी उपयोगी जानकारी दी।
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अग्निशमन एवं सुरक्षा पर मासिक प्रौद्योगिकी व्याख्यानमाला आयोजित

उदयपुर। विज्ञान समिति, डॉ. डी.एस. कोठारी संस्थान एवं महावीर इंटरनेशनल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 20वीं मासिक प्रौद्योगिकी व्याख्यानमाला के अंतर्गत मंगलवार को “अग्निशमन एवं सुरक्षा” विषय पर व्याख्यान आयोजित किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रणय जानी, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, रेलबेल प्रोटेक्शन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड थे।

उन्होंने अपने व्याख्यान में आग लगने के प्रमुख कारणों, आग से बचाव, अग्निशमन के उपायों तथा दैनिक जीवन में अपनाई जाने वाली सुरक्षा-सावधानियों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

उन्होंने बताया कि आग के त्रिकोण में ईंधन, ऑक्सीजन और तापमान तीनों तत्व महत्वपूर्ण होते हैं। इनमें से किसी एक तत्व को नियंत्रित करके आग पर काबू पाया जा सकता है।

उन्होंने विभिन्न प्रकार की आग, उपयुक्त अग्निशामक यंत्रों के प्रयोग, विद्युत उपकरणों से होने वाली आग की रोकथाम तथा आपात स्थिति में सुरक्षित निकासी के संबंध में भी उपयोगी जानकारी दी।

मीडिया प्रभारी प्रोफेसर विमल शर्मा ने बताया कि अग्नि-सुरक्षा केवल अग्निशमन विभाग या किसी एक संस्था की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। घर, कार्यालय, विद्यालय और सार्वजनिक संस्थानों में अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता के साथ-साथ उनके नियमित निरीक्षण और उपयोग का प्रशिक्षण भी आवश्यक है। जन-जागरूकता, समयबद्ध प्रशिक्षण और सतर्क व्यवहार से आग की अनेक दुर्घटनाओं को टाला जा सकता है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. के. एल. कोठारी ने की। विज्ञान समिति के अध्यक्ष डॉ. के. एल. तोतावत ने स्वागत किया, जबकि डॉ. डी.एस. कोठारी संस्थान के अध्यक्ष इंजी. आर. के. चतुर ने स्वागत उद्बोधन दिया। वक्ता का परिचय डॉ. के. पी. तलेसरा ने प्रस्तुत किया। महावीर इंटरनेशनल के अध्यक्ष श्री रविन्द्र सुराणा ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. डी.एस. कोठारी संस्थान के महासचिव इंजी. एम. पी. जैन ने किया।

कार्यक्रम में मुनीष गोयल, डॉ. बी. एल. चावत, इंजी. महेन्द्र कुमार मेहता, रेणु भण्डारी, गीता सिंह, इंजी. अविनाश भटनागर, मधु मित्तल, डॉ. आर. के. गर्ग, प्रकाश तातेड़, शांतिलाल भण्डारी, अशोक जैन, इंजी. आर. के. खोखावत तथा महावीर इंटरनेशनल के प्रकाश जैन, एस. सी. बड़ीवाल और पारस हिंगड़ सहित अनेक गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।