जैसलमेर । राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली व राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशों की पालना में जिला एवं सेशन न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जैसलमेर ओमी पुरोहित के निर्देशन मे महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यालय में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ विधिक जागरूकता शिविर एवं संवाद कार्यक्रम का आयोजन सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ललित पुरोहित द्वारा किया गया।
शिविर में महिला अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक श्री चन्द्रवीरसिंह उपस्थित रहे।
शिविर में सचिव ने उपस्थित आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को प्राधिकरण के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए रालसा एवं नालसा की कल्याणकारी योजनाओं के बारे में बताया तथा प्रभावी क्रियान्वयन के सम्बंध में निर्देश प्रदान किए।
उन्होंने बुजुर्गों, महिलाओं, दिव्यांगों तथा बालकों के विधिक अधिकारों एवं कानूनी जानकारियों को प्रसारित करने तथा राज्य सरकार द्वारा जारी योजनाओं को जरूरतमंदों तक पंहुच सुनिश्चत करने पर जोर दिया।
उन्होंने एक्शन प्लान के मासिक थीम बुजुर्गों का सम्मान, विवादों का गरिमा के साथ समाधान तथा शांतिपूर्ण ढंग से टकरावों का समाधान किया जाए।
इस हेतु प्राधिकरण द्वारा समय समय पर लोक अदालतों का आयोजन किया जाता है साथ ही मध्यस्थता तथा राजीनामें से विवादों का निस्तारण करवाया जा सकता है।
प्राधिकरण द्वारा इस वर्ष नारी संवाद - सामुदायिक मध्यस्थता कार्यक्रम चलाया जा रहा है। उन्होंने दहेज प्रतिषेध अधिनियम, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, पॉक्सो एक्ट, पॉश एक्ट 2013 के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की।
उन्हांेन बताया कि महिलाओं को आवश्यकता पड़ने पर निःशुल्क विधिक सहायता प्रदान करने की जाती है इसकी प्रक्रिया विस्तारपूर्वक समझाई।
बालिका शिक्षा के स्तर को बढावा देने के बारे में भी जानकारी प्रदान की तथा सरकारी योजनाओं का लाभ महिलाओं के माध्यम से समाज के अंतिम व्यक्ति तक प्रदान कराए जाने के लिए भी प्रेरित किया।
उन्होंने अपने अपने क्षेत्र में ड्रॉप आउट बालिकाओं को चिन्हित कर शिक्षा से पुनः जोड़ने का आह्वान किया।
उन्होंने बालिका शिक्षा का महत्व बताते हुए कहा कि एक बेटी पढेगी तो सात पीढी तरेगी की कहावत को वास्तव में चरितार्थ करने के लिए हमें मिलकर प्रयास करने होंगे और प्राधिकरण इस महत्ती कार्य में हमेशा तत्पर है।
