उदयपुर। सामाजिक समरसता की भावना को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से राजस्थान वनवासी कल्याण परिषद की ओर से विशेष पहल की जा रही है।
इसके तहत सुदूर वनांचल क्षेत्रों की करीब 1000 बालिकाएं 17 एवं 18 अक्टूबर को उदयपुर के धर्मप्रेमी परिवारों की अतिथि बनेंगी।
नवरात्रि के पावन अवसर पर इन बालिकाओं का परिवारों में कन्यापूजन किया जाएगा तथा उन्हें स्नेहमय वातावरण में भोजन कराया जाएगा।राजस्थान वनवासी कल्याण परिषद की महिला समिति की बैठक उदयपुर के सेक्टर-13 स्थित परिषद कार्यालय में संपन्न हुई।
बैठक में डॉ. राधिका लढा ने बताया कि सामाजिक समरसता के भाव को सुदृढ़ करने के लिए परिषद निरंतर कार्यरत है। नवरात्रि पर्व पर हिंदू परिवारों में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान होते हैं, जिनकी पूर्णाहुति कन्यापूजन के साथ होती है।
इसी परंपरा को सामाजिक समरसता से जोड़ते हुए परिषद नगरीय एवं जनजातीय क्षेत्रों के बीच सेतु का कार्य कर रही है।उन्होंने बताया कि परिषद के प्रयासों से कोटड़ा, देवला, पिण्डवाड़ा, झाड़ोल सहित विभिन्न क्षेत्रों से लगभग 1000 बालिकाएं दो दिवसीय कन्यापूजन कार्यक्रम में भाग लेने उदयपुर आएंगी।
17 एवं 18 अक्टूबर को शहर के विभिन्न धर्मप्रेमी परिवार इन बालिकाओं को अपने घर आमंत्रित करेंगे।
वहां स्नेहपूर्ण वातावरण में उनका पूजन एवं भोजन कराया जाएगा।दो स्थानों से होगा बालिकाओं का आवागमनकार्यक्रम के तहत मोक्षमार्ग, अशोकनगर स्थित गीतारामायण सेवासंघ तथा राजस्थान वनवासी कल्याण परिषद कार्यालय, गवरी चौराहा, हिरणमगरी सेक्टर-13 को बालिकाओं के पिकअप एवं ड्रॉपिंग पॉइंट बनाया गया है।
यहां से संबंधित परिवार बालिकाओं को अपने घर ले जाएंगे।
प्रातः 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक कन्यापूजन एवं भोजन का आयोजन होगा।चित्र प्रतियोगिता एवं व्यक्तित्व विकास कार्यशाला भी होगीभोजन के बाद बालिकाओं के पुनः एकत्र होने पर नवरात्रि पर्व पर आधारित चित्र प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी।
इसके साथ ही मां दुर्गा के समान शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक एवं चारित्रिक रूप से आत्मविश्वासी व्यक्तित्व का निर्माण करने तथा देश और समाज के लिए स्वयं को किस प्रकार प्रस्तुत किया जा सकता है, इस विषय पर कार्यशाला आयोजित होगी।
