मुख्य सामग्री पर जाएँ
बुधवार, 23 सितंबर 2026 उदयपुर · 29°C
Business News

पीएचडीसीसीआईं का जीएसटी परिषद से कर दरों को युक्तिसंगत बनाने का आग्रह

मुख्य बिंदु
  • नईं दिल्ली, उदृाोग मंडल पीएचडीसीसीआईं ने जीएसटी परिषद से कर की दरों को युक्तिसंगत बनाने का आग्रह किया है।
  • पीएचडीसीसीआईं का कहना है कि मौजूदा जीएसटी दरें देश में मांग बढ़ाने और रोजगार सृजन की दृष्टि से अनुकूल नहीं हैं।
  • पीएचडीसीसीआईं के अध्यक्ष प्रदीप मुल्तानी ने कहा, हम सरकार से माल एवं सेवा कर (जीएसटी) की दरों को 5 प्रतिशत, 10 प्रतिशत और 15 प्रतिशत के तीन प्रमुख स्लैब में रखने का आग्रह करते हैं।
  • कुछ वस्तुओं को 28 प्रतिशत के स्लैब में रखा जा सकता है।
  • उन्होंने सुझाव देते हुए कहा कि 12 प्रतिशत के स्लैब में आने वाली वस्तुओं पर 10 प्रतिशत और 18 प्रतिशत के स्लैब में आने वाली वस्तुओं पर कर को घटाकर 15 प्रतिशत तक किया जाना चाहिए।
  • उन्होंने कहा कि 28 प्रतिशत के ऊंचे स्लैब में उत्पादों की संख्या 25 से अधिक नहीं होने चाहिए।
WAf𝕏TGin🖨
पीएचडीसीसीआईं का जीएसटी परिषद से कर दरों को युक्तिसंगत बनाने का आग्रह

नईं दिल्ली, उदृाोग मंडल पीएचडीसीसीआईं ने जीएसटी परिषद से कर की दरों को युक्तिसंगत बनाने का आग्रह किया है। पीएचडीसीसीआईं का कहना है कि मौजूदा जीएसटी दरें देश में मांग बढ़ाने और रोजगार सृजन की दृष्टि से अनुकूल नहीं हैं।

पीएचडीसीसीआईं के अध्यक्ष प्रदीप मुल्तानी ने कहा, हम सरकार से माल एवं सेवा कर (जीएसटी) की दरों को 5 प्रतिशत, 10 प्रतिशत और 15 प्रतिशत के तीन प्रमुख स्लैब में रखने का आग्रह करते हैं।

कुछ वस्तुओं को 28 प्रतिशत के स्लैब में रखा जा सकता है। उन्होंने सुझाव देते हुए कहा कि 12 प्रतिशत के स्लैब में आने वाली वस्तुओं पर 10 प्रतिशत और 18 प्रतिशत के स्लैब में आने वाली वस्तुओं पर कर को घटाकर 15 प्रतिशत तक किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि 28 प्रतिशत के ऊंचे स्लैब में उत्पादों की संख्या 25 से अधिक नहीं होने चाहिए।