उदयपुर। श्री महर्षि कॉलेज ऑफ वैदिक एस्ट्रोलॉजी का छठा दीक्षांत समारोह रविवार को अशोका ग्रीन्स, उदयपुर में भव्य एवं गरिमामय वातावरण में आयोजित हुआ।
संस्थान की 25 वर्षों से अधिक की शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक यात्रा में आयोजित इस दीक्षांत समारोह में 300 से अधिक विद्यार्थियों को विभिन्न पाठ्यक्रमों में पीएचडी की उपाधियां एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।समारोह के मुख्य अतिथि उदयपुर सांसद मन्नालाल रावत रहे।
विशिष्ट अतिथियों के रूप में मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. कैलाश डागा, संभागीय संस्कृत शिक्षा अधिकारी डॉ. भगवती शंकर व्यास, राजस्थान चिकित्सा विभाग के सेवानिवृत्त सीएमएचओ डॉ. जी.एल. मोर्या, सीनियर स्कॉलर गाइड डॉ. हर्षद जोशी, शिकागो स्थित सुब्रा योगा स्कूल के निदेशक डॉ. सुब्रमण्यम नचिअप्पन एवं पूर्व सरपंच तथा महिला मोर्चा अध्यक्ष डॉ. कविता जोशी उपस्थित रहे।कॉलेज संस्थापक एम.डी. चौहान एवं निदेशक विकास चौहान ने उपाधि प्राप्त विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
अतिथियों ने विद्यार्थियों से भारतीय ज्ञान परंपरा, वैदिक अध्ययन एवं अनुसंधान के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ने तथा अर्जित ज्ञान को समाज एवं मानव कल्याण के लिए उपयोग करने का आह्वान किया।निदेशक विकास चौहान ने कहा कि पीएचडी केवल नाम के आगे लगने वाली उपाधि नहीं, बल्कि ज्ञान के प्रति प्रतिबद्धता और समाज के प्रति जिम्मेदारी का प्रतीक है।
उन्होंने विद्यार्थियों से अपने शोध एवं ज्ञान को समाजोपयोगी बनाने का संदेश दिया।प्राचार्य रूद्रेश एम. शास्त्री ने कहा कि दीक्षांत समारोह शिक्षा का अंत नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत है।
उन्होंने सभी उपाधि प्राप्तकर्ताओं को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।समारोह का संचालन भारती दशोरा एवं मीमांसा परसाई ने किया। उपाधि एवं प्रमाण-पत्र प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों में उत्साह और गौरव का माहौल रहा।
विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों, संस्थान एवं परिवार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भारतीय ज्ञान परंपरा को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
