नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में भारतीय लोकसंस्कृति के रंगों को उत्सवमय बनाने के लिए ‘मेरी दिल्ली डांडिया उत्सव 2026’ का आयोजन 23 से 25 अक्टूबर तक तालकटोरा इंडोर स्टेडियम में किया जा रहा है। यह तीन दिवसीय आयोजन संगीत, डांडिया, गरबा और सामूहिक उल्लास के माध्यम से दिल्लीवासियों को एक सांस्कृतिक मंच प्रदान करेगा।
एनएनएस मीडिया ग्रुप के चेयरमेन एवं प्रबंध निदेशक राजेश गुप्ता ने बताया कि होटल जागीर पैलेस की प्रस्तुति और एनएनएस मीडिया ग्रुप के आयोजन में होने वाला यह उत्सव दिल्ली की उत्सवधर्मी परंपरा को नया रंग देने के साथ ही गुजरात और राजस्थान की लोकनृत्य संस्कृति की छटा भी बिखेरेगा। आयोजन में पारंपरिक परिधानों, रंग-बिरंगी डांडिया छड़ियों और संगीत की लय पर थिरकते कदमों के बीच उत्सव का विशेष आकर्षण देखने को मिलेगा।
*लोकसंगीत और आधुनिक अंदाज का संगम* एनएनएस मीडिया ग्रुप के निदेशक अक्षय गुप्ता ने बताया कि इस उत्सव में गायिका दिव्या श्रीवास्तव और गायक शगुन सहित अन्य कलाकारों की दिलकश प्रस्तुतियों होंगी।
कलाकारों की संगीतमय प्रस्तुतियां को चार चांद लगाने के साथ प्रतिभागियों को डांडिया और गरबा की लय पर झूमने का अवसर देंगी।
आयोजकों की परिकल्पना में यह उत्सव केवल नृत्य-संगीत का कार्यक्रम नहीं, बल्कि विभिन्न आयु वर्गों और समुदायों को एक साझा सांस्कृतिक अनुभव से जोड़ने का माध्यम भी है।
*परंपरा, संस्कृति और एकजुटता का उत्सव* डांडिया और गरबा भारतीय लोकजीवन की ऐसी परंपराएं हैं, जिनमें भक्ति, उल्लास, सामूहिकता और सांस्कृतिक विरासत का सुंदर समन्वय दिखाई देता है। नवरात्रि के दौरान इन नृत्यों का विशेष महत्व रहता है। समय के साथ ये परंपराएं देश के महानगरों में भी लोकप्रिय हुई हैं और विभिन्न पृष्ठभूमियों के लोगों को एक साथ उत्सव मनाने का अवसर देती हैं।
‘मेरी दिल्ली डांडिया उत्सव’ इसी सांस्कृतिक भावना को आगे बढ़ाने की पहल है। दिल्ली जैसे बहुसांस्कृतिक महानगर में ऐसे आयोजन लोककलाओं को प्रोत्साहित करने, कलाकारों को मंच उपलब्ध कराने और नई पीढ़ी को भारतीय परंपराओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
*तीन दिन उत्सव के नाम* 23 से 25 अक्टूबर को आयोजित होने वाले इस उत्सव के लिए नई दिल्ली के केन्द्रीय स्थल तालकटोरा इंडोर स्टेडियम को आयोजन स्थल के रूप में चुना गया है।‘मेरी दिल्ली डांडिया उत्सव 2026’ राजधानी में संगीत, नृत्य और सांस्कृतिक मेल-मिलाप का आकर्षक अवसर बनने जा रहा है, जहां उत्सव की धुनों के साथ भारतीय लोकपरंपरा की जीवंतता भी महसूस की जा सकेगी।
