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Udaipur News

1 राज नेवल यूनिट एनसीसी का सेलिंग एक्सपीडिशन 2026

एसडीआरएफ टीम ने दिया जीवन रक्षक तकनीकों का लाइव डिमॉन्स्ट्रेशन

मुख्य बिंदु
  • 1 राज नेवल यूनिट एनसीसी, उदयपुर के तत्वावधान में आयोजित 10 दिवसीय सेलिंग एक्सपीडिशन 2026 के दौरान राज्य आपदा प्रतिसाद बल (एसडीआरएफ) की टीम द्वारा विशेष लाइव डिमॉन्स्ट्रेशन एवं आपदा प्रबंधन जागरूकता सत्र आयोजित किया गया।
  • प्रशिक्षण एवं जागरूकता अभियान में जयपुर, अजमेर एवं उदयपुर से आए 110 एनसीसी कैडेट्स ने भाग लिया।
  • प्रशिक्षण सत्र के दौरान एसडीआरएफ के मास्टर ट्रेनर रवि शर्मा एवं उनकी टीम के विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा कैडेट्स को जल आपातकाल एवं मैदानी परिस्थितियों में जीवन रक्षा के महत्वपूर्ण पहलुओं पर व्यावहारिक प्रदर्शन (लाइव डेमोंस्ट्रेशन) दिया गया।
  • टीके के प्रशिक्षकों द्वारा गहरे पानी में डूब रहे व्यक्ति को सुरक्षित निकालने, वाटर रेस्क्यू उपकरणों के सही उपयोग एवं बचाव तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी गई।
  • इसके अलावा कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) सांस रुकने अथवा दिल की धड़कन बंद होने की स्थिति में तत्काल सीपीआर देने की सटीक प्रक्रिया का लाइव अभ्यास कराया गया।
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1 राज नेवल यूनिट एनसीसी का सेलिंग एक्सपीडिशन 2026

उदयपुर। 1 राज नेवल यूनिट एनसीसी, उदयपुर के तत्वावधान में आयोजित 10 दिवसीय सेलिंग एक्सपीडिशन 2026 के दौरान राज्य आपदा प्रतिसाद बल (एसडीआरएफ) की टीम द्वारा विशेष लाइव डिमॉन्स्ट्रेशन एवं आपदा प्रबंधन जागरूकता सत्र आयोजित किया गया।

प्रशिक्षण एवं जागरूकता अभियान में जयपुर, अजमेर एवं उदयपुर से आए 110 एनसीसी कैडेट्स ने भाग लिया।प्रशिक्षण सत्र के दौरान एसडीआरएफ के मास्टर ट्रेनर रवि शर्मा एवं उनकी टीम के विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा कैडेट्स को जल आपातकाल एवं मैदानी परिस्थितियों में जीवन रक्षा के महत्वपूर्ण पहलुओं पर व्यावहारिक प्रदर्शन (लाइव डेमोंस्ट्रेशन) दिया गया।टीके के प्रशिक्षकों द्वारा गहरे पानी में डूब रहे व्यक्ति को सुरक्षित निकालने, वाटर रेस्क्यू उपकरणों के सही उपयोग एवं बचाव तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी गई।

इसके अलावा कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) सांस रुकने अथवा दिल की धड़कन बंद होने की स्थिति में तत्काल सीपीआर देने की सटीक प्रक्रिया का लाइव अभ्यास कराया गया।

प्रशिक्षण में आपातकालीन परिस्थितियों में गंभीर चोट, फ्रैक्चर एवं अत्यधिक रक्तस्राव को नियंत्रित करने के तौर-तरीके एवं प्राथमिक उपचार और फील्ड अभियानों के दौरान सांप के काटने पर प्राथमिक उपचार, ‘क्या करें और क्या न करें’, तथा भ्रांतियों को दूर करते हुए अस्पताल तक सुरक्षित पहुंचाने के प्रोटोकॉल समझाए गए।

एसडीआरएफ टीम ने कैडेट्स को समझाया कि किसी भी आपदा अथवा आपात स्थिति में घबराने के बजाय संयम बनाए रखना, सूझबूझ से त्वरित निर्णय लेना और उपलब्ध संसाधनों का सही उपयोग करना ही जीवन रक्षा की कुंजी है।यूनिट के कमांडिंग ऑफिसर कमांडर ब्रजेश कुमार मिश्रा ने बताया कि सेलिंग एक्सपीडिशन कैंप का उद्देश्य केवल साहसिक नौकायन का अभ्यास कराना ही नहीं, बल्कि कैडेट्स को जीवन की वास्तविक व विषम परिस्थितियों से निपटने के लिए सक्षम और उत्तरदायी नागरिक बनाना है।

उन्होंने कहा कि एसडीआरएफ द्वारा दिया गया यह व्यावहारिक प्रशिक्षण कैडेट्स के आत्मविश्वास को बढ़ाने तथा संकट के समय स्वयं के साथ-साथ दूसरों का जीवन बचाने में अत्यंत उपयोगी साबित होगा।

प्रदर्शन के समापन पर कमांडिंग ऑफिसर कमांडर ब्रजेश कुमार मिश्रा ने मास्टर ट्रेनर रवि शर्मा एवं उनकी टीम का आभार व्यक्त किया।