मुख्य सामग्री पर जाएँ
शुक्रवार, 18 सितंबर 2026 उदयपुर · 29°C
Udaipur News

भामाशाह जयंती पर राष्ट्रीय कवि राव अजातशत्रु सम्मानित, ओजस्वी कविता से गूंजा समारोह

मुख्य बिंदु
  • उदयपुर, दानवीर भामाशाह की जयंती के अवसर पर महावीर युवा मंच उदयपुर द्वारा आयोजित भव्य समारोह में इस वर्ष का प्रतिष्ठित ‘भामाशाह सम्मान’ प्रख्यात राष्ट्रीय कवि राव अजातशत्रु को प्रदान किया गया।
  • सम्मान प्राप्त करने के बाद उनके ओजपूर्ण काव्य पाठ ने पूरे समारोह को राष्ट्रभक्ति और मेवाड़ की गौरवगाथा से सराबोर कर दिया।
  • हाथीपोल स्थित भामाशाह प्रतिमा परिसर में आयोजित कार्यक्रम में राव अजातशत्रु ने अपनी चर्चित पंक्तियां— "मेवाड़ी पानी दानवीर भामाशाहों की पूंजी है, इस पूंजी के कारण ही चेतक की टापें गूंजी हैं।
  • " —सुनाकर उपस्थित जनसमूह को भाव-विभोर कर दिया।
  • उनकी प्रस्तुति पर सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
  • समारोह में सांसद मन्नालाल रावत, मंच संयोजक प्रमोद सामर, पूर्व महापौर चंद्रसिंह कोठारी, रजनी डांगी, महावीर चपलोत (प्रताप गौरव केंद्र), पूर्व उपमहापौर पारस सिंघवी, प्रकाश कोठारी (ओसवाल समाज) सहित शहर के अनेक गणमान्य नागरिक एवं समाजसेवी उपस्थित रहे।
WAf𝕏TGin🖨
भामाशाह जयंती पर राष्ट्रीय कवि राव अजातशत्रु सम्मानित, ओजस्वी कविता से गूंजा समारोह

उदयपुर, दानवीर भामाशाह की जयंती के अवसर पर महावीर युवा मंच उदयपुर द्वारा आयोजित भव्य समारोह में इस वर्ष का प्रतिष्ठित ‘भामाशाह सम्मान’ प्रख्यात राष्ट्रीय कवि राव अजातशत्रु को प्रदान किया गया। सम्मान प्राप्त करने के बाद उनके ओजपूर्ण काव्य पाठ ने पूरे समारोह को राष्ट्रभक्ति और मेवाड़ की गौरवगाथा से सराबोर कर दिया।

हाथीपोल स्थित भामाशाह प्रतिमा परिसर में आयोजित कार्यक्रम में राव अजातशत्रु ने अपनी चर्चित पंक्तियां—

"मेवाड़ी पानी दानवीर भामाशाहों की पूंजी है,

इस पूंजी के कारण ही चेतक की टापें गूंजी हैं।"

—सुनाकर उपस्थित जनसमूह को भाव-विभोर कर दिया। उनकी प्रस्तुति पर सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

समारोह में सांसद मन्नालाल रावत, मंच संयोजक प्रमोद सामर, पूर्व महापौर चंद्रसिंह कोठारी, रजनी डांगी, महावीर चपलोत (प्रताप गौरव केंद्र), पूर्व उपमहापौर पारस सिंघवी, प्रकाश कोठारी (ओसवाल समाज) सहित शहर के अनेक गणमान्य नागरिक एवं समाजसेवी उपस्थित रहे।

वक्ताओं ने भामाशाह के अद्वितीय त्याग, राष्ट्रनिष्ठा और मेवाड़ के प्रति उनके योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि भामाशाह का जीवन आज भी समाज को सेवा, समर्पण और राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा देता है।

कार्यक्रम का प्रभावी संचालन आलोक पगारिया ने किया। समारोह में साहित्यकारों, समाजसेवियों एवं शहरवासियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही, जिससे आयोजन ऐतिहासिक और यादगार बन गया।