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कांग्रेस ने नीतियों को लेकर केंद्र पर हमला बोला, मनरेगा में प्रस्तावित बदलावों की आलोचना की

मुख्य बिंदु
  • उदयपुर | राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष रामविलास चौधरी ने शनिवार को शास्त्री सर्कल स्थित आरटीडीसी होटल कजरी में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार की नीतियों पर तीखा प्रहार किया।
  • उन्होंने कहा कि वर्तमान केंद्र सरकार जनकल्याण की योजनाओं को मजबूत करने के बजाय केवल उनके नाम और स्वरूप बदलने की राजनीति कर रही है, जिससे आम जनता की वास्तविक समस्याओं से ध्यान भटकाया जा सके।
  • चौधरी ने कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) जैसी ऐतिहासिक और जनहितकारी योजना को कांग्रेस सरकार ने सर्वसम्मति से लागू किया था।
  • इस योजना ने करोड़ों ग्रामीण परिवारों को सम्मानजनक रोजगार, आजीविका की सुरक्षा और आर्थिक संबल प्रदान किया।
  • लेकिन आज सरकार मनरेगा में बदलाव कर इसे जी-रामजी मॉडल के रूप में लागू करने का प्रयास कर रही है, जो मूल भावना के खिलाफ है।
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कांग्रेस ने नीतियों को लेकर केंद्र पर हमला बोला, मनरेगा में प्रस्तावित बदलावों की आलोचना की

उदयपुर | राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष रामविलास चौधरी ने शनिवार को शास्त्री सर्कल स्थित आरटीडीसी होटल कजरी में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार की नीतियों पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान केंद्र सरकार जनकल्याण की योजनाओं को मजबूत करने के बजाय केवल उनके नाम और स्वरूप बदलने की राजनीति कर रही है, जिससे आम जनता की वास्तविक समस्याओं से ध्यान भटकाया जा सके।

चौधरी ने कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) जैसी ऐतिहासिक और जनहितकारी योजना को कांग्रेस सरकार ने सर्वसम्मति से लागू किया था। इस योजना ने करोड़ों ग्रामीण परिवारों को सम्मानजनक रोजगार, आजीविका की सुरक्षा और आर्थिक संबल प्रदान किया। लेकिन आज सरकार मनरेगा में बदलाव कर इसे जी-रामजी मॉडल के रूप में लागू करने का प्रयास कर रही है, जो मूल भावना के खिलाफ है।

उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, “योजनाओं का नाम बदल देने से न तो नरेगा मजबूत होती है और न ही मजदूरों की हालत सुधरती है। सरकार को सिर्फ नाम बदलने की राजनीति आती है, लेकिन जमीन पर काम करने की इच्छाशक्ति नजर नहीं आती।”

जी-रामजी मॉडल पर गंभीर आपत्तियाँ कांग्रेस नेताओं ने मनरेगा में प्रस्तावित जी-रामजी मॉडल को लेकर गंभीर आशंकाएँ व्यक्त कीं। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था के तहत निर्णय लेने का अधिकार पूरी तरह केंद्र सरकार के हाथ में चला जाएगा, जिससे संघीय ढांचे को नुकसान पहुँचेगा। इससे राज्यों के साथ भेदभाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है और राज्यों पर चार गुना तक अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ने की आशंका है।

चौधरी ने कहा कि यह मॉडल मजदूरों के अधिकारों को कमजोर करेगा और मनरेगा को एक अधिकार आधारित योजना से महज एक नियंत्रित योजना में बदल देगा। इसी के विरोध में कांग्रेस पार्टी ने देशभर में 45 दिन का देशव्यापी आंदोलन शुरू किया है, ताकि मजदूरों, किसानों और ग्रामीण जनता की आवाज़ को बुलंद किया जा सके।

महंगाई, बेरोजगारी और मूल मुद्दों से ध्यान भटकाना प्रेस वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने कहा कि देश और प्रदेश की जनता आज अभूतपूर्व महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक असुरक्षा से जूझ रही है। युवा वर्ग को रोजगार नहीं मिल रहा है, किसान लागत और कर्ज के बोझ से दबा हुआ है और गरीब वर्ग की क्रय शक्ति लगातार घट रही है। इसके बावजूद सरकार इन मूल मुद्दों पर ठोस चर्चा करने के बजाय भावनात्मक और भटकाने वाले एजेंडे चला रही है।

नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियाँ आम जनता के हित में नहीं, बल्कि चुनिंदा पूंजीपतियों को लाभ पहुँचाने के उद्देश्य से बनाई जा रही हैं। सार्वजनिक संपत्तियों का निजीकरण और प्राकृतिक संसाधनों का अंधाधुंध दोहन इसका स्पष्ट उदाहरण है।

पर्यावरण और अरावली क्षेत्र पर चिंता कांग्रेस नेताओं ने विशेष रूप से अरावली क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण को लेकर सरकार की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि खनन और औद्योगिक गतिविधियों के नाम पर प्राकृतिक संसाधनों का अत्यधिक दोहन किया जा रहा है, जिससे पर्यावरण असंतुलन, जल संकट और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य पर खतरा मंडरा रहा है।

प्रेस वार्ता में यह भी कहा गया कि आज देश में लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता पर खतरा बढ़ता जा रहा है।

“लोकतंत्र में सवाल पूछना अपराध नहीं होता, लेकिन आज जो भी सरकार से सवाल करता है, उसे दबाने की कोशिश की जाती है।”

यह प्रवृत्ति लोकतंत्र के लिए घातक है और इसका कांग्रेस पार्टी पुरजोर विरोध करती है।

कांग्रेस जनता की आवाज़ बनेगी। प्रेस वार्ता में उपस्थित कांग्रेस के पूर्व कांग्रेस वर्किंग कमेटी सदस्य, पूर्व मंत्री एवं देहात जिलाध्यक्ष रघुवीर मीणा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कांग्रेस पार्टी जनता की आवाज़ बनकर खड़ी रहेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हर उस नीति का विरोध करेगी जो देश, प्रदेश और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के खिलाफ होगी और जनहित की लड़ाई सड़क से सदन तक लड़ी जाएगी।

अंत में सांसद प्रत्याशी रहे एवं पूर्व जिला कलेक्टर तारा चंद मीणा ने आम जनता से अपील की कि वे सच और झूठ में फर्क पहचानें, संविधान की रक्षा के लिए एकजुट हों और लोकतांत्रिक मूल्यों को बचाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएँ।

उपस्थित नेता प्रेस वार्ता में प्रदेश महासचिव एवं प्रवक्ता पंकज कुमार शर्मा, शहर अध्यक्ष फतेह सिंह राठौड़, सांसद प्रत्याशी टी.सी. मीणा, पूर्व देहात जिला अध्यक्ष कचरूलाल चौधरी, पूर्व मंत्री मांगीलाल गरासिया, प्रवक्ता संजीव राजपुरोहित, पंकज पालीवाल, फिरोज अहमद शेख, उमेश शर्मा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।