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ओसवाल सभा के चुनाव प्रक्रिया की विसंगतियों का जोरदार विरोध, अध्यक्ष से निष्पक्ष चुनाव की मांग

मुख्य बिंदु
  • आगामी 11 जनवरी को सम्पन्न होने वाले ओसवाल सभा के चुनाव से पूर्व उसकी प्रक्रिया में विसंगतियों को लेकर दूसरे पक्ष ने जोरदार विरोध जता कर ओसवाल भवन में धरना दिया।
  • अध्यक्ष पद के प्रत्याशी संजय भण्डारी ने कहा कि ओसवाल सभा के संविधान के अनुसार मतदाता सूची बनने के बाद 15 दिन के भीतर स्थानीय समाचार पत्र में अधिूसचना जारी करनी होती है लेकिन अध्यक्ष ने ऐसा नहीं किया।
  • 24 दिसम्बर को जो मतदाता सूची जारी की गई उसमें नाबालिगों को जोड़़ना,समाज की जाति के बाहरी लोगों और समाज के उन बाहरी लोगों को सदस्यों के रूप में जोड़ा गया जो शहर के निवासी नहीं है,यह ओसवाल सभा के संविधान के विपरीत कार्य किया गया।
  • उन्होंने कहा कि समाज के लागों के इन सभी पर आपत्तियंा दर्ज करायी गयी तो तो उनका निस्तारण किये बिना 30 दिसम्बर को कल मतदाता सूची जारी कर दी गई।
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ओसवाल सभा के चुनाव प्रक्रिया की विसंगतियों का जोरदार विरोध, अध्यक्ष से निष्पक्ष चुनाव की मांग

उदयपुर। आगामी 11 जनवरी को सम्पन्न होने वाले ओसवाल सभा के चुनाव से पूर्व उसकी प्रक्रिया में विसंगतियों को लेकर दूसरे पक्ष ने जोरदार विरोध जता कर ओसवाल भवन में धरना दिया।

अध्यक्ष पद के प्रत्याशी संजय भण्डारी ने कहा कि ओसवाल सभा के संविधान के अनुसार मतदाता सूची बनने के बाद 15 दिन के भीतर स्थानीय समाचार पत्र में अधिूसचना जारी करनी होती है लेकिन अध्यक्ष ने ऐसा नहीं किया। 24 दिसम्बर को जो मतदाता सूची जारी की गई उसमें नाबालिगों को जोड़़ना,समाज की जाति के बाहरी लोगों और समाज के उन बाहरी लोगों को सदस्यों के रूप में जोड़ा गया जो शहर के निवासी नहीं है,यह ओसवाल सभा के संविधान के विपरीत कार्य किया गया।

उन्होंने कहा कि समाज के लागों के इन सभी पर आपत्तियंा दर्ज करायी गयी तो तो उनका निस्तारण किये बिना 30 दिसम्बर को कल मतदाता सूची जारी कर दी गई। जब उक्त बात उनके संज्ञान में लायी गई तो तो बार-बार नई मतदाता सूची जारी कर रहे है और यह अब तक 3 बार जारी हो चुकी है जबकि ऐसा करनें के लिये वे अधिकृत नहीं है क्योंकि चुनाव संयोजक स्वयं चुनाव लड़ रहे है।

समाज के अध्यक्ष पद के पूर्व प्रत्याशी रहे मनीष गलुण्डिया ने बताया कि इस सन्दर्भ में जब हमनें अधूरी मतदाता सूची को उनके संज्ञान में लाया गया तो उन्होंने अधिकृत मतदाता सूची उपलब्ध करवानंे से मना कर दिया। यह चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है। जो चुनाव संयोजक स्वयं चुनाव लड़ रहे है,उनके पास वे सभी चुनाव सूचनायें तो उपलब्ध है लेकिन अन्य प्रत्याशियों के पास किसी प्रकार की कोई सूचना उपलब्ध नहीं है।

नानालाल वया ने बताया कि आज कुछ सदस्यों ने निर्धारित शुल्क जमा करवाकर अधिकृत मतदाता सूची मांगी तो उन्हें कम्प्यूटर प्रिन्टेड बिना सील व साईन के अधूरी मतदाता सूची बिना चुनाव अधिकारी के जारी की जा रही है जो कि चुनाव प्रक्रिया पर प्रश्नचिन्ह है।

सीए सुधीर मेहता ने बताया कि हाल ही में मतदाता सूची में 5000 सदस्यों के नाम जोड़े गये है उनका भी ओसवाल सभा के विधान के अनुसार कार्य परिषद द्वारा अनुमोदन नहीं कराया गया।

जो चुनाव प्रक्रिया जारी की गई वो भी ओसवाल सभा के संविधान एवं चुनाव नियम के अनुसार नहीं हैं।

इस अवसर पर समाज के निर्मल पोखरना,अरविन्द जारोली, अनिल मेहता, अंकुर, नरेंद्र जोराली, अजय धींग, कुलदीप मेहता, ललित भण्डारी, प्रवीण गदिया, नवरतन कोठारी, नरेंद्र चैधरी इत्यादि सहित अनेक सदस्य मौजूद थे।