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शनिवार, 26 सितंबर 2026 उदयपुर · 29°C
Udaipur News

जिले में मांग के अनुसार हो रही यूरिया की आपूर्ति उर्वरक की जिले में उपलब्धता,

किसालों ने अपील, अनावश्यक भण्डारण नहीं करें

मुख्य बिंदु
  • उदयपुर, उदयपुर जिले में रबी 2025-26 दौरान गेहूं, चना, जौ, सरसों आदि फसलों का बुवाई रकबा 1,38,000 हैक्टेयर है।
  • फसलों के संतुलित पोषण हेतु जिले के विभिन्न क्षेत्रों में यूरिया उर्वरक की आपूर्ति सहकारी एवं निजी क्षेत्रों में प्रधिकार पत्र प्राप्त संस्थानों पर निरंतर रेलमार्ग एवं सड़क मार्ग से जारी है।
  • संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) सुधीर वर्मा ने बताया कि रबी मौसम की कुल मांग 27600 मैट्रिक टन (माह-अक्टूबर से फरवरी-2025) के विरूद्ध अब तक जिले में 14150 मैट्रिक टन की आपूर्ति हो चुकी है।
  • इसके अतिरिक्त माह दिसंबर, 2025 हेतु 8900 मैट्रिक टन यूरिया की मांग मुख्यालय जयपुर प्रेषित कर दी गई है।
  • कंट्रोल रूम की स्थापना : उर्वरकों के उदयपुर जिले में आपूर्ति एवं व्यवस्थित विक्रय हेतु कार्यालय संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जिसके प्रभारी से संर्पक नंबर-7740804440 है।
  • कृषकों से अपील कृषि विभाग की ओर से किसानों के लिए अपील जारी की गई है।
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उदयपुर, उदयपुर जिले में रबी 2025-26 दौरान गेहूं, चना, जौ, सरसों आदि फसलों का बुवाई रकबा 1,38,000 हैक्टेयर है। फसलों के संतुलित पोषण हेतु जिले के विभिन्न क्षेत्रों में यूरिया उर्वरक की आपूर्ति सहकारी एवं निजी क्षेत्रों में प्रधिकार पत्र प्राप्त संस्थानों पर निरंतर रेलमार्ग एवं सड़क मार्ग से जारी है।

संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) सुधीर वर्मा ने बताया कि रबी मौसम की कुल मांग 27600 मैट्रिक टन (माह-अक्टूबर से फरवरी-2025) के विरूद्ध अब तक जिले में 14150 मैट्रिक टन की आपूर्ति हो चुकी है। इसके अतिरिक्त माह दिसंबर, 2025 हेतु 8900 मैट्रिक टन यूरिया की मांग मुख्यालय जयपुर प्रेषित कर दी गई है।

कंट्रोल रूम की स्थापना : उर्वरकों के उदयपुर जिले में आपूर्ति एवं व्यवस्थित विक्रय हेतु कार्यालय संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जिसके प्रभारी से संर्पक नंबर-7740804440 है।

कृषकों से अपील कृषि विभाग की ओर से किसानों के लिए अपील जारी की गई है। इसमें बताया कि चूंकि, जिले में यूरिया की आपूर्ति निरंतर जारी है, अतः संयम बनाएं रखें।

अनावश्यक उर्वरक का भंडारण ना करें। वर्तमान में अधिकांश स्थानों पर गेहूं फसल में प्रथम सिंचाई के साथ प्रथम यूरिया छिटकाव (टॉपड्रेस) का दौर चल रहा है।

कृषक प्रथम छिटकाव की यूरिया मात्रा ही क्रय करें। 15 दिसंबर उपरांत द्वितीय सिंचाई के साथ द्वितीय यूरिया छिटकाव (टॉपड्रेस) हेतु आवश्यक मात्रा जिले में आपूर्ति हो जाएगी।

कृषक अभी प्रथम टॉपड्रेस का यूरिया क्रय करें। अनावश्यक द्वितीय छिटकाव के लिए यूरिया का भंडारण नही करें।