कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग की संभागीय मीटिंग निकाय पंचायत राज चुनाव पर मंथन
राजस्थान प्रदेश कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के निर्देशानुसार, उदयपुर संभाग की मीटिंग रजा गार्डन अलीपुरा में हुई। मीटिंग में आने वाले चुनाव की तैयारी, संगठन को मज…
“सत्ता” के परिणाम
राजस्थान प्रदेश कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के निर्देशानुसार, उदयपुर संभाग की मीटिंग रजा गार्डन अलीपुरा में हुई। मीटिंग में आने वाले चुनाव की तैयारी, संगठन को मज…
भारत के 80 वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का संबोधन देश की राजनीतिक दिशा, राष्ट्रीय आकांक्षाओं और भविष्य के संकल्पों …
आज हम रविवार दिनांक 16 अगस्त, 2026 को आर्यसमाज धामावाला, देहरादून के रविवारीय सत्संग में सम्मिलित हुए। हमने आर्यसमाज में आर्यसमाज के युवा विद्वान आचार्य अनुज श…
उदयपुर निकाय चुनाव: आरक्षण लॉटरी के बाद भाजपा-कांग्रेस में बढ़ी सियासी हलचलउदयपुर। आगामी निकाय चुनावों को लेकर जयपुर में हुई आरक्षण लॉटरी के बाद उदयपुर की राजन…
राजस्थान की धरती ने भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में केवल रणभूमि के शौर्य की ही गाथा नहीं लिखी, बल्कि जनजागरण, सामाजिक सुधार और लोकतांत्रिक चेतना के विस्तार में भ…
उदयपुर। मेवाड़ की धरती पर मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीरों की शौर्यगाथा शुक्रवार को एक बार फिर जीवंत हो उठी। महाराणा प्रताप की ऐति…
उदयपुर, मेवाड़ की धरती पर मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीरों की शौर्यगाथा शुक्रवार को एक बार फिर जीवंत हो उठी। महाराणा प्रताप की ऐत…
*14 अगस्त हमारे लिए केवल भारत के स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या नहीं है। यह भारतीय इतिहास का वह दिन है, जो कि इतिहास में सबसे पीड़ादायक और काले अध्याय के रूप …
लोकतंत्र किसी राष्ट्र की केवल शासन व्यवस्था नहीं होता, बल्कि वह उसके नागरिकों के विश्वास, स्वतंत्रता, सहभागिता और संवैधानिक मूल्यों का जीवंत प्रतिबिंब होता है।…
विशेष लेख गोपेन्द्र नाथ भट्ट लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति केवल बहुमत में नहीं, बल्कि संवाद, सहमति और स्वस्थ संसदीय परंपराओं में निहित होती है। विधानमंडल वह सर्वो…
हम जानते हैं कि सभी मनुष्यों एवं चेतन प्राणियों के शरीरों में एक चेतन आत्मा की सत्ता निवास करती है। मनुष्य के जन्म व गर्भकाल में आत्मा निर्माणाधीन शरीर में प्र…
मनुष्य प्रायः अपने माता, पिता, आचार्यों तथा सगे सम्बन्धियों को ही अपना मानते हैं। ईश्वर के विषय में मनुष्यों के भिन्न-भिन्न विचार होते हैं। अधिकांश को ईश्वर के…