अधर्म का विस्तार और धर्म का संकट: मानवता के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती
जब गलत को सही मान लिया जाएअधर्म केवल पूजा-पाठ से विमुख होना या धार्मिक परंपराओं का पालन न करना नहीं है। अधर्म वह मानसिकता है, जिसमें मनुष्य अपने स्वार्थ के लिए…
“परिवर्तन” के परिणाम
जब गलत को सही मान लिया जाएअधर्म केवल पूजा-पाठ से विमुख होना या धार्मिक परंपराओं का पालन न करना नहीं है। अधर्म वह मानसिकता है, जिसमें मनुष्य अपने स्वार्थ के लिए…
मॉस्को | अंतर्राष्ट्रीय निर्यात फोरम "मेड इन रशिया" का केंद्रीय विषय प्रौद्योगिकी निर्यात, उच्च प्रौद्योगिकी और आधुनिक समाधान होंगे। उच्च प्रौद्योगिकी ट्रैक ही…
उदयपुर | सिटी पैलेस म्यूज़ियम, उदयपुर में महाराणा मेवाड़ चैरिटेबल फाउंडेशन के सहयोग से 24 एवं 25 अक्टूबर को आयोजित आइकॉम इंटरकॉम वार्षिक सम्मेलन 2026 का शुभारंभ …
सूक्ष्म वस्तु बनाने के कलाकार रिकॉर्ड होल्डर डॉ चन्द्र प्रकाश चित्तौड़ा द्वारा उदयपुर प्रधान डाकघर में अनिल चौहान, स नहायक अधीक्षक डाकघर उपमंडल उत्तर से भेट कर …
पेड़ जीवन के स्रोत की तरह होते हैं... देखते देखते एक पेड़ अपने भीतर जन्म लेने लगता। पेड़ को केवल आँख भर देखते ही नहीं... देखते... देखते ही पेड़ सा हो जाते हैं।…
मानव सभ्यता आज ऐसे मोड़ पर खड़ी है, जहाँ उसकी बनाई तकनीक उसी की क्षमताओं, रोजगार और निर्णय लेने की भूमिका को नई चुनौती दे रही है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता अर्थात् आ…
जैसलमेर, 22 अक्टूबर। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली व राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशों की पालना में जिला एवं सेशन न्यायाधीश ए…
उदयपुर: देश की अग्रणी रिटेल फाइनेंस कंपनियों में से एक, एल एंड टी फाइनेंस लि. (एलटीएफ) ने जयपुर में अपने ब्रांड एंबेसडर जसप्रीत बुमराह को शामिल करते हुए ‘कोई भ…
संसार में जितने मनुष्य हैं व अतीत में हुए हैं वह सब किसी देश विशेष में जन्में थे। उनसे पूर्व उनके माता-पिता व पूर्वज वहां रहते थे। जन्म लेने वाली सन्तान का कर्…
नवरात्रि में राजस्थान के वागड़ और मेवाड़ अंचल के देवी धाम केवल श्रद्धा के केंद्र नहीं, बल्कि सदियों पुरानी सांस्कृतिक स्मृतियों, आदिवासी परंपराओं, राजवंशीय इति…
बिलासपुर। भारतीय रेल द्वारा छत्तीसगढ़ में रेल कनेक्टिविटी के विस्तार एवं यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की गई। माननीय…
मनुष्य ने आकाश की ऊँचाइयाँ नाप लीं, समुद्र की गहराइयाँ खोज लीं और तकनीक के माध्यम से दुनिया को एक छोटे से पर्दे पर समेट लिया; लेकिन एक प्रश्न आज भी उसके सामने …