मध्यम आकार के शहरों में कभी सूखा, कभी बाढ़, कभी अदृश्य प्रदूषण
ऑस्ट्रेलिया इंडिया वॉटर सेंटर की अंतरराष्ट्रीय वेबिनार एआईडब्ल्यूसी वॉटर टॉक्स में डॉ. अनिल मेहता ने बताया जल-सुरक्षा, जल स्थायित्व का नया रास्ताजल सुरक्षा केव…
“समझना” के परिणाम
ऑस्ट्रेलिया इंडिया वॉटर सेंटर की अंतरराष्ट्रीय वेबिनार एआईडब्ल्यूसी वॉटर टॉक्स में डॉ. अनिल मेहता ने बताया जल-सुरक्षा, जल स्थायित्व का नया रास्ताजल सुरक्षा केव…
ऑस्ट्रेलिया इंडिया वॉटर सेंटर की अंतरराष्ट्रीय वेबिनार एआईडब्ल्यूसी वॉटर टॉक्स में डॉ. अनिल मेहता ने बताया जल-सुरक्षा, जल स्थायित्व का नया रास्तामध्यम आकार के …
भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां पर्व केवल कैलेंडर की तारीख नहीं होते, बल्कि वे जीवन के किसी गहरे सत्य को हमारे सामने लेकर आते हैं। श्रीकृष्ण…
उदयपुर : बिजनेस सर्कल इंटरनेशनल (बीसीआई) के उत्सव और अल्फा चैप्टर की वर्कप्लेस विजिट आज, 31 अगस्त को आयोजित की जाएगी। दोनों चैप्टर की ओर से आयोजित इन विजिट्स क…
सत्य भूषण शर्मा, उदयपुर (राजस्थान)मानसून आते ही देश के अनेक शहरों की तस्वीर लगभग हर वर्ष एक जैसी दिखाई देती है—सड़कें जलमग्न, गलियां तालाब में तब्दील, वाहन पान…
उदयपुर। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (ए.आई.) अब केवल तकनीकी क्षेत्र तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि व्यापार, उद्योग एवं प्रोफेशनल कार्यप्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा बन…
उदयपुर। झीलों की खूबसूरती और अपनी ऐतिहासिक जल व्यवस्था के लिए दुनिया भर में पहचान रखने वाले उदयपुर के सामने अब एक गंभीर जल संकट खड़ा हो गया है। शहर की झीलों और…
मनुष्य का संपूर्ण जीवन विश्वास की नींव पर खड़ा है। विश्वास वह अदृश्य शक्ति है जो परिवार को जोड़ती है, समाज में सहयोग उत्पन्न करती है और राष्ट्र के विकास का आधा…
“जिस समाज में ज्ञान पर किसी का एकाधिकार नहीं होता, वहाँ मनुष्य की पहचान उसकी जाति से नहीं, उसके ज्ञान, कर्म और चरित्र से होती है।”शिक्षा केवल अक्षर ज्ञान नहीं …
रविवार दिनांक 23-8-2026 को गुरुकुल पौंधा, देहरादून में 36 नये ब्रह्मचारियों का प्रवेश हुआ। इस प्रवेश के अवसर पर किए जाने वाले संस्कार को उपनयन एवं वेदारम्भ संस…
“इंसानियत सबसे बड़ा धर्म है और प्रेम सबसे सुंदर भाषा।” इसी मानवीय भावना को अपने भीतर समेटे ईद-ए-मिलाद- उन -नबी का पर्व मुस्लिम समाज के लिए अत्यंत श्रद्धा, आस्थ…
उदयपुर। ‘डर, साहस और भी बहुत कुछ...’ को केवल एक पूर्व आईएएस अधिकारी की आत्मकथात्मक पुस्तक मानना इसके व्यापक अर्थ को सीमित कर देना होगा। यह पुस्तक दरअसल उस प्रश…