श्रीकृष्ण जन्माष्टमी: उत्सव नहीं, जीवन-दर्शन को अपनाने का पर्व
भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां पर्व केवल कैलेंडर की तारीख नहीं होते, बल्कि वे जीवन के किसी गहरे सत्य को हमारे सामने लेकर आते हैं। श्रीकृष्ण…
“दही” के परिणाम
भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां पर्व केवल कैलेंडर की तारीख नहीं होते, बल्कि वे जीवन के किसी गहरे सत्य को हमारे सामने लेकर आते हैं। श्रीकृष्ण…
कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन... अर्थात, मनुष्य का अधिकार केवल कर्म करने पर है, उसके फल पर कभी नहीं। इसलिए फल की चिंता किए बिना अपना कर्तव्य करें। निष्काम…
नवोदित लेखकों के लिए मार्गदर्शक हैं प्रीति की प्रीत मय कविताएं ....थोड़ी ज़मीं - थोड़ा आसमानरहने दो, मेरी पंखों में थोड़ी परवाज रहने दो । इस दुनिया में है हस्त…
भारत की सांस्कृतिक चेतना में यदि किसी संत-कवि ने धर्म को लोकजीवन से जोड़ा, भाषा को जन-जन का स्वर बनाया और भक्ति को मानवता का उत्सव बना दिया, तो वे गोस्वामी तुल…
— सत्य भूषण शर्मा, उदयपुर (राजस्थान)
पंडित जितेन्द्र मोहन भट्ट
राम जल सेतु परियोजना के बाद अब यमुना जल समझौते से राजस्थान के जल प्रबंधन को मिलेगी नई दिशा
लगभग 12% लोग रोज़ाना पाचन या आंत (गट) से जुड़ी समस्याओं से परेशान रहते हैं और 59% लोग हर सप्ताह इसकी शिकायत करते हैं। 80% उपभोक्ताओं का मानना है कि पाचन या गट …