खबरें खोजें
“शब्दों” के परिणाम
माँ का गाँव और बचपन
लेखिका : श्वेता शर्मा
"ले चले हम राष्ट्र नौका को भंवर से पार तक...केसरी बाना सजाके वीर का श्रृंगार कर"
-इंदौर के पंडित गौरव काले संग हुई सुरों से साधना -कुलगुरु बोले...जो देश से जुडा उसके लिए राष्ट्र प्रथम
रिक्त पदों को शीघ्र भरने, जर्जर शाला भवन मरम्मत करने, पदोन्नति ओर स्थानांतरण को लेकर माहौल गरमाया
सरकारी स्कूलों में बज़ट के लाले,सरकार के निकले दिवाले सत्र समापन की और अभी तक 90% बजट आवंटन नहीं हुआ
आने वाली पीढ़ियों को हम कैसी हवा और कैसे विचार सौंप रहे हैं?
- प्रदूषण केवल हवा में नहीं, सोच में भी फैल रहा है











