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Udaipur News

चिकित्सकों पर हमला मानवता पर प्रहार, दोषियों के खिलाफ हो कड़ी कार्यवाईःअजय पोरवाल

मुख्य बिंदु
  • शहर के जेपी ऑर्थोपेडिक हॉस्पिटल में डॉक्टरों एवं अस्पताल स्टाफ के साथ हुई मारपीट की घटना ने चिकित्सा जगत के साथ-साथ आमजन को भी झकझोर कर रख दिया है।
  • इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए समाजसेवी अजय पोरवाल ने इसे न केवल दुर्भाग्यपूर्ण बल्कि मानवता और चिकित्सा सेवा के मूल्यों पर सीधा हमला बताया है।
  • पोरवाल ने कहा कि डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी समाज के ऐसे प्रहरी हैं, जो विपरीत परिस्थितियों में भी लोगों के जीवन की रक्षा के लिए निरंतर कार्य करते हैं।
  • ऐसे सेवा भाव से जुड़े लोगों के साथ हिंसक व्यवहार करना किसी भी सभ्य समाज के लिए शर्मनाक है।
  • उन्होंने कहा कि अस्पताल वह स्थान होता है जहां मरीजों और उनके परिजनों को राहत, विश्वास और संवेदना मिलती है, लेकिन वहां हिंसा की घटनाएं पूरे स्वास्थ्य तंत्र को प्रभावित करती हैं।
  • उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर दुख व्यक्त किया कि मामले को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने और समझाइश देने पहुंचे वरिष्ठ चिकित्सक डॉ.
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उदयपुर। शहर के जेपी ऑर्थोपेडिक हॉस्पिटल में डॉक्टरों एवं अस्पताल स्टाफ के साथ हुई मारपीट की घटना ने चिकित्सा जगत के साथ-साथ आमजन को भी झकझोर कर रख दिया है। इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए समाजसेवी अजय पोरवाल ने इसे न केवल दुर्भाग्यपूर्ण बल्कि मानवता और चिकित्सा सेवा के मूल्यों पर सीधा हमला बताया है।

पोरवाल ने कहा कि डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी समाज के ऐसे प्रहरी हैं, जो विपरीत परिस्थितियों में भी लोगों के जीवन की रक्षा के लिए निरंतर कार्य करते हैं। ऐसे सेवा भाव से जुड़े लोगों के साथ हिंसक व्यवहार करना किसी भी सभ्य समाज के लिए शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि अस्पताल वह स्थान होता है जहां मरीजों और उनके परिजनों को राहत, विश्वास और संवेदना मिलती है, लेकिन वहां हिंसा की घटनाएं पूरे स्वास्थ्य तंत्र को प्रभावित करती हैं।

उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर दुख व्यक्त किया कि मामले को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने और समझाइश देने पहुंचे वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. आनंद गुप्ता भी हमले का शिकार हुए। पोरवाल ने कहा कि जो व्यक्ति विवाद को सुलझाने और माहौल को सामान्य बनाने का प्रयास कर रहा हो, उसके साथ मारपीट होना अत्यंत निंदनीय है। इससे यह स्पष्ट होता है कि कुछ लोगों ने कानून और सामाजिक मर्यादाओं की पूरी तरह अनदेखी की है।

अजय पोरवाल ने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों के मनोबल को कमजोर करती हैं। यदि डॉक्टर स्वयं को असुरक्षित महसूस करेंगे तो इसका सीधा प्रभाव स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ेगा, जिसका खामियाजा अंततः आम जनता को भुगतना पड़ेगा। इसलिए डॉक्टरों की सुरक्षा केवल चिकित्सा समुदाय का ही नहीं, बल्कि पूरे समाज का मुद्दा है।

उन्होंने प्रशासन से मांग की कि घटना में शामिल सभी दोषियों की निष्पक्ष जांच कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति अस्पताल परिसर में हिंसा करने का दुस्साहस न कर सके। साथ ही अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की आवश्यकता पर भी बल दिया।

पोरवाल ने कहा कि समाज को यह समझना होगा कि किसी भी प्रकार के विवाद का समाधान हिंसा नहीं, बल्कि संवाद और कानून के दायरे में रहकर ही संभव है।

उन्होंने सभी नागरिकों से संयम और सामाजिक जिम्मेदारी का परिचय देने की अपील करते हुए कहा कि डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों का सम्मान एवं सुरक्षा सुनिश्चित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

अंत में उन्होंने जेपी ऑर्थोपेडिक हॉस्पिटल में हुई पूरी घटना तथा डॉ. आनंद गुप्ता के साथ हुई मारपीट की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की।