पर्युषण में करें आत्ममंथन, पूछें स्वयं से-‘जीवन में आखिर क्या पायाःसाध्वी विद्युतप्रभा
उदयपुर। वासुपूज्य मंदिर दादाबाड़ी में पर्वाधिराज पर्युषण महापर्व के चौथे दिन सैकड़ों श्रावक-श्राविकाओं की उपस्थिति में भव्य धर्मसभा हुई। साध्वी विद्युतप्रभा श्री…
“क्या” के परिणाम
उदयपुर। वासुपूज्य मंदिर दादाबाड़ी में पर्वाधिराज पर्युषण महापर्व के चौथे दिन सैकड़ों श्रावक-श्राविकाओं की उपस्थिति में भव्य धर्मसभा हुई। साध्वी विद्युतप्रभा श्री…
"कल हो ना हो"कल का इंतजार...लेकिन आज का क्या?हरपल,हर क्षण और हर दिन का उपयोग करें,जिससे आप सही पथ पर चल सके। अपने 'भविष्य' और 'आज' को 'अभी' से अपनाएं जिससे आपक…
'एक चुटकी हंसी'हंसी...एक चुटकी है,हर ग़म की दवा।रोते हुए भी हंस जाते हैं,जरा सी हंसी से।बांटकर तो देखिए चुटकी भर हंसी।क्या पता बदल जाए जाए,किसी का दु:ख, सुख मे…
मनुष्य बाहर की दुनिया को जीतने की आकांक्षा में इतना व्यस्त है कि वह अपने भीतर की दुनिया से दूर होता जा रहा है। उसने आकाश की ऊँचाइयाँ नाप लीं, समुद्र की गहराइया…
जयपुर। मानसून अब विदाई की ओर है… आसमान में बादलों की आवाजाही भले जारी हो, लेकिन प्रकृति ने मौसम बदलने का अपना संदेश दे दिया है। जयपुर-कूकस रोड के आसपास इन दिनो…
प्रत्येक माह के पहले रविवार को पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र, उदयपुर का दर्पण प्रेक्षागृह, नाट्य रसिकों का स्वागत करता है | ‘रंगशाला’ के अंतर्गत यहाँ किसी …
पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र, उदयपुर द्वारा आयोजित मासिक नाट्य संध्या ‘रंगशाला’ के अंतर्गत रविवार को शिल्पग्राम स्थित दर्पण सभागार में ‘मीता! पंचलैट वाले’…
भारतीय संस्कृति में पर्व केवल तिथि विशेष पर होने वाला उत्सव नहीं, बल्कि जीवन को दिशा देने वाले संस्कार हैं। वे हमें कभी प्रकृति के प्रति कृतज्ञ होना सिखाते हैं…
श्रीगंगानगर। जिला कलक्टर डॉ. अमित यादव एवं जिला पुलिस अधीक्षक श्री हरिशंकर के नेतृत्व में जारी नशा मुक्त श्रीगंगानगर अभिान के तहत गजसिंहपुर के आर.एम. सीनियर से…
श्रीगंगानगर। श्री अरोड़वंश सनातन धर्म मंदिर (ट्रस्ट) के पूर्व प्रधान स्वर्गीय त्रिलोकचंद वधवा की पुत्रवधू प्रीति गौरव वधवा ने चंडीगढ़ में अपनी अलग पहचान बनाकर …
8 सितंबर केवल कैलेंडर की एक तारीख नहीं, बल्कि दुनिया को यह याद दिलाने का दिन है कि साक्षरता व्यक्ति का अधिकार और समाज के विकास की बुनियाद है। इसकी शुरुआत 1965 …
हिंदी केवल संप्रेषण का माध्यम नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, संवेदना, विचार और ज्ञान-परंपरा से जुड़ने का सशक्त माध्यम है। बदलते डिजिटल परिवेश, वैश्वीकरण और आर्टि…