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Literature News

एक चुटकी हंसी

Pooja Bhandari

मुख्य बिंदु
  • एक चुटकी है, हर ग़म की दवा।
  • रोते हुए भी हंस जाते हैं, जरा सी हंसी से।
  • बांटकर तो देखिए चुटकी भर हंसी।
  • क्या पता बदल जाए जाए, किसी का दु:ख, सुख में, जरा सी हंसी से।
  • मनाइये तो सही, मान जाते हैं लोग, एक पल की हंसी से।
  • नयी सुबह, नयी उमंग के साथ, शुरू किजिए अपना दिन पल भर की हंसी से।
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एक चुटकी हंसी

'एक चुटकी हंसी' हंसी... एक चुटकी है, हर ग़म की दवा।

रोते हुए भी हंस जाते हैं, जरा सी हंसी से।

बांटकर तो देखिए चुटकी भर हंसी। क्या पता बदल जाए जाए, किसी का दु:ख, सुख में, जरा सी हंसी से।

मनाइये तो सही, मान जाते हैं लोग, एक पल की हंसी से।

नयी सुबह, नयी उमंग के साथ, शुरू किजिए अपना दिन पल भर की हंसी से।

रुठे हुए को मनाइये अपनी हंसी से।

हर दिन सजाइये, अपनी हंसी से। सबके दिल को भर देती, चुटकी भर हंसी। लें आईगी सभी चेहरों पर खिलखिलाहट जरा सी हंसी।

सुना है, सभी घावों का का मरहम है, छोटी सी हंसी।

सबके दिल को भाती, ये छोटी सी हंसी सबके ग़म छुपाती ये छोटी सी हंसी।

रूठे हुए को मनाकर, टूटे हुए को सजाकर, खुशियों से भरती, थोड़ी सी हंसी‌।

सबके दिल जीत लेती जरा सी हंसी। यूं तो कोई मोल नहीं हंसी का, फिर भी अनमोल है ये 'चुटकी भर हंसी '।।